वायु सेना स्टेशन पर ड्रोन हमले में पाकिस्तान की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता: डीजीपी

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वायु सेना स्टेशन पर ड्रोन हमले में पाकिस्तान की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता: डीजीपी

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  • Publish Date - July 2, 2021 / 12:13 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:09 PM IST

जम्मू, दो जुलाई (भाषा) जम्मू कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने शुक्रवार को कहा कि यहां वायु सेना स्टेशन पर ड्रोन से हुए हमले में पाकिस्तान की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि हमले में पाक स्थित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का हाथ होने का गहरा संदेह है।

सिंह ने कहा कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों द्वारा ड्रोन का इस्तेमाल सुरक्षा व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर खतरा है और महत्वपूर्ण लोगों एवं स्थानों की सुरक्षा की दोबारा समीक्षा करने की जरूरत है।

सिंह ने कठुआ जिले में संवाददाताओं से कहा, “हमें इस मामले में लश्कर ए तैयबा का हाथ होने का गंभीर और गहरा शक है। चूंकि लश्कर का हाथ है और यह पाकिस्तान से संचालित होता है इसलिए एक प्रकार से पाकिस्तान की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी एजेंसियां किस हद तक शामिल हैं इसका पता जांच के बाद ही चल पायेगा। जम्मू हवाई अड्डे पर स्थित वायु सेना स्टेशन पर 27 जून को हुए अपनी तरह के पहले ड्रोन हमले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अपने हाथों में ले ली है। इस घटना में ड्रोन से दो बम गिराए गए थे जिसमें वायु सेना के दो कर्मी घायल हो गए थे।

वायु सेना स्टेशन पर हमले के कुछ घंटे बाद बरामद हुए, करीब साढ़े पांच किलोग्राम आईईडी विस्फोटक के बारे में सिंह ने कहा, “वे भीड़भाड़ वाले इलाके में धमाका करना चाहते थे जिससे अधिकतम नुकसान हो। लेकिन सौभाग्य से हमने उस आतंकवादी को पकड़ लिया जिसने कुछ जानकारी दी और हमने आईईडी बरामद कर एक बड़ा आतंकी हमला टाल दिया।”

डीजीपी ने बताया कि इससे पहले ड्रोन से हथियार, आईईडी और मादक पदार्थ गिराने की दर्जन भर से अधिक घटनाएं सामने आई हैं तथा इनमें आतंकी गुट लश्कर ए तैयबा का हाथ रहा है।

यह पूछे जाने पर कि क्या आईईडी की बरामदगी और वायु सेना स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले में कोई संबंध है, सिंह ने कहा कि वह इस बारे में अभी कुछ नहीं कहेंगे। उन्होंने कहा कि इस बात की संभावना बहुत अधिक है कि ड्रोन सीमा पार से आए ।

भाषा यश मनीषा

मनीषा