नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) लोकसभा और राज्यसभा ने तमिलनाडु के कलपक्कम में 500 मेगावाट के ‘प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ (पीएफबीआर) के ‘क्रिटिकल’ अवस्था सफलतापूर्वक हासिल करने पर बृहस्पतिवार को वैज्ञानिकों और सभी हितधारकों को बधाई दी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में भारत की इस उपलब्धि का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैं भारत की वैज्ञानिक प्रगति और प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता की यात्रा में प्राप्त एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का उल्लेख करना चाहता हूं।’’
उन्होंने बताया कि गत छह अप्रैल को भारत ने तमिलनाडु के कलपक्कम में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि हासिल की।
बिरला ने कहा, ‘‘हमारे 500 मेगावाट ‘प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ (पीएफबीआर) ने ‘क्रिटिकल’ अवस्था सफलतापूर्वक हासिल कर ली है। यह इस बात का प्रतीक है कि रियेक्टर में सतत न्यूक्लियर चेन रिएक्शन की शुरुआत हो गई है। यह केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि महान राष्ट्रीय उपलब्धि भी है।’’
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि से परमाणु ऊर्जा मिशन को प्रोत्साहन मिला है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित 2070 तक ‘नेट जीरो’ उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करने की भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता को मजबूती मिली है।
बिरला ने कहा, ‘‘मैं इस सदन की ओर से इस उपलब्धि को संभव बनाने वाले वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और सभी हितधारकों के परिश्रम और समर्पण की सराहना करता हूं।’’
सदन ने मेजें थपथपाकर इस उपलब्धि की सराहना की।
राज्यसभा में सभापति सी पी राधाकृष्णन ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की हालिया प्रगति को रेखांकित करते हुए तमिलनाडु के कल्पक्कम में हासिल ऐतिहासिक उपलब्धि का उल्लेख किया।
सभापति ने कहा कि छह अप्रैल 2026 को तमिलनाडु के कलपक्कम में 500 मेगावाट के स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने सफलतापूर्वक अपनी पहली ‘क्रिटिकैलिटी’ हासिल कर ली।
उन्होंने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और स्वदेशी परमाणु प्रौद्योगिकी क्षमता को आगे बढ़ाता है।
राधाकृष्णन ने कहा कि इस उपलब्धि के साथ भारत अपने तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण में आधिकारिक रूप से प्रवेश कर चुका है। उन्होंने इसे देश को गौरवान्वित करने वाली उपलब्धि करार दिया।
भाषा वैभव मनीषा
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