कई भर्ती परीक्षाएं उत्तीर्ण कीं, फिर भी नौकरी नहीं मिली : आईसीयू से अनशन जारी रखे अभ्यर्थी का दर्द

कई भर्ती परीक्षाएं उत्तीर्ण कीं, फिर भी नौकरी नहीं मिली : आईसीयू से अनशन जारी रखे अभ्यर्थी का दर्द

कई भर्ती परीक्षाएं उत्तीर्ण कीं, फिर भी नौकरी नहीं मिली : आईसीयू से अनशन जारी रखे अभ्यर्थी का दर्द
Modified Date: August 9, 2026 / 06:10 pm IST
Published Date: August 9, 2026 6:10 pm IST

रांची, नौ अगस्त (भाषा) सरकारी नौकरी राहुल क्रांति (40) के लिए कई बार बेहद करीब होकर भी पहुंच से बाहर रही है। अब जबकि छह दिन से भूख हड़ताल के चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई है और वह आईसीयू में भर्ती हैं, तब भी उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया है।

राहुल ने दावा किया कि उन्होंने कई भर्ती परीक्षाएं उत्तीर्ण कीं, लेकिन सरकारी नौकरी पाने का उनका सपना अब भी अधूरा है। वह उन छह प्रदर्शनकारियों में शामिल हैं, जो झारखंड में भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर भूख हड़ताल कर रहे हैं।

राहुल के मुताबिक, उन्होंने 2016 में जेएसएससी-प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन उनका नाम चयन सूची में शामिल नहीं किया गया।

राहुल ने बताया कि वह 2023 में संपन्न सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में भी सफल रहे थे, लेकिन अभी तक नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब भ्रष्टाचार की वजह से हुआ।

राहुल ने तब तक अनशन जारी रखने का संकल्प लिया है, जब तक राज्य सरकार झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से 2019 से आयोजित सभी राज्य-स्तरीय भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के लिए सहमत नहीं हो जाती।

उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर उम्र में छूट मिलने के बाद वह इस साल 14वीं जेपीएससी परीक्षा में शामिल हुए थे।

सरकारी भर्ती परीक्षा में शामिल होने का यह संभवत: राहुल का आखिरी मौका था, लेकिन प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

झारखंड के पलामू जिले के रहने वाले राहुल ने मंगलवार रात रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल शुरू की थी। चौथे दिन तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल की सघन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराना पड़ा।

राहुल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “डॉक्टरों का कहना है कि मुझे वायरल बुखार है। मुझे शुक्रवार को तेज बुखार और सिरदर्द की शिकायत के बाद यहां लाया गया था। जब मेरी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो डॉक्टरों ने मुझे अस्पताल में भर्ती कर दिया।”

राहुल के अनुसार, उनकी सेहत स्थिर है, लेकिन उन्हें कमजोरी महसूस हो रही है।

उन्होंने कहा, “डॉक्टर कह रहे हैं कि जब तक मैं कुछ खाऊंगा नहीं, तब तक मेरी सेहत में सुधार नहीं होगा। लेकिन मैं अपना अनशन जारी रखने पर अड़ा हुआ हूं, क्योंकि राज्य सरकार हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।”

राहुल ने दावा किया कि शुक्रवार रात सरकार और जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच (जो इस विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहा है) के बीच हुई बातचीत में सरकारी टीम ने संकेत दिया कि वह 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने पर तभी सहमत हो सकते हैं, जब सीआईडी (अपराध जांच विभाग) अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दे।

उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पता चलता है कि सरकार मुद्दों को सुलझाना नहीं चाहती है।

राहुल ने कहा, “जब तक सरकार जेपीएससी और जेएसएससी की ओर से 2019 से आयोजित सभी राज्य-स्तरीय भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने तथा मामले की सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) तथा ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) से जांच कराने का आदेश नहीं देती, तब तक हम विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे। चाहे मैं अस्पताल में रहूं या विरोध स्थल पर, मैं भूख हड़ताल करता रहूंगा।”

उन्होंने कहा, “सरकार को अपनी भर्ती प्रक्रिया में सुधार करने की जरूरत है। झारखंड के युवाओं के भविष्य का सौदा नहीं होने दिया जाएगा।”

सदर अस्पताल की चिकित्सा अधिकारी डॉ. नैंसी प्रिया ने कहा, “राहुल क्रांति को कमजोरी की शिकायत है और उन्होंने अभी तक कुछ भी खाया नहीं है। उन्हें वायरल बुखार और गले में खराश है। हमारी सलाह पर वह सिर्फ पानी पी रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “हम राहुल के रक्तचाप और ब्लड शुगर के स्तर पर नजर रख रहे हैं। उन्हें तुरंत कुछ खाने की जरूरत है और हम उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, फैसला आखिरकार उन्हीं को करना है।”

डॉ. नैंसी ने बताया कि राहुल को फिलहाल मल्टी-विटामिन की ड्रिप चढ़ाई जा रही है।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप


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