समाना, 22 अप्रैल (भाषा) पटियाला जिला प्रशासन ने सेना से तकनीकी सहायता मांगी है ताकि 550 दिनों से अधिक समय से 400 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठे एक प्रदर्शनकारी को सुरक्षित रूप से नीचे उतारा जा सके। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनकारी बेअदबी की घटनाओं के लिए कड़ी सजा की मांग कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि गुरजीत सिंह खालसा (43) ने 12 अक्टूबर, 2024 को समाना में टावर पर चढ़कर अनूठे ढंग से अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था।
पंजाब सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ संशोधित कानून ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ को अधिसूचित कर दिया है, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने समेत कठोर दंड का प्रावधान है।
इसके बाद खालसा के 24 अप्रैल को टावर से नीचे उतरने की उम्मीद है।
यह विधेयक पंजाब विधानसभा द्वारा 13 अप्रैल को सदन के विशेष सत्र के दौरान सर्वसम्मति से पारित किया गया था। बाद में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी थी।
खालसा की प्रमुख मांग गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधानों को लागू करना था।
खालसा को टावर से नीचे उतारने के लिए सेना की मदद मांगने के मुद्दे पर अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) दमनजीत सिंह मान ने बुधवार को मीडिया से कहा कि यह कदम राज्य सरकार द्वारा प्रदर्शनकारी की मांगों को पूरा करने के बाद उठाया गया है।
मान ने कहा, ‘‘पंजाब के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 13 अप्रैल को एक विधेयक पारित किया गया, जिसे बाद में राज्यपाल की मंजूरी मिल गई। इस घटनाक्रम के बाद, उनका प्रतिनिधित्व करने वाली समिति ने उन्हें सुरक्षित नीचे लाने में सहायता के लिए प्रशासन से संपर्क किया है।’’
अधिकारी ने कहा कि टावर की अधिक ऊंचाई को देखते हुए, इस अभियान को ‘‘अत्यंत संवेदनशील’’ माना जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मानव जीवन की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अग्निशमन विभाग समेत स्थानीय एजेंसियों की परिचालन क्षमता सीमित है। इसलिए, गृह विभाग से विशेषज्ञ एजेंसियों के साथ समन्वय करने का अनुरोध किया गया था। अब सेना से तकनीकी सहायता के लिए संपर्क किया गया है क्योंकि वे इस तरह के जटिल बचाव अभियानों के लिए विशेषज्ञ और उच्च प्रशिक्षित हैं।’’
बचाव कार्य की समयसीमा के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सेना फिलहाल व्यवहार्यता आकलन कर रही है। जैसे ही हमें उनसे कोई औपचारिक सूचना मिलेगी, हम जानकारी साझा करेंगे।’’
भाषा
देवेंद्र धीरज
धीरज