यूएपीए में संशोधन लाकर लोगों को जमानत दी जाए: सांसद अब्दुल रशीद शेख

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यूएपीए में संशोधन लाकर लोगों को जमानत दी जाए: सांसद अब्दुल रशीद शेख

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  • Publish Date - April 1, 2026 / 06:48 PM IST,
    Updated On - April 1, 2026 / 06:48 PM IST

नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) जम्मू कश्मीर के बारामूला से निर्दलीय सदस्य अब्दुल रशीद शेख उर्फ इंजीनियर रशीद ने बुधवार को सरकार से मांग की कि विधिविरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम (यूएपीए) में जमानत संबंधी प्रावधान के लिए संशोधन लाया जाए ताकि आरोपियों को बिना जमानत के वर्षों तक जेल में नहीं बिताना पड़े।

वर्ष 2017 के आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किये गये रशीद को 2019 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है और उन्हें संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए गत 24 जनवरी को दिल्ली की एक अदालत ने हिरासत में पैरोल दी थी।

रशीद ने सैकड़ों छोटे-छोटे जुर्मों को अपराध की श्रेणी से बाहर रखने के प्रावधान वाले जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026 पर लोकसभा में चर्चा में भाग लेते हुए सरकार से यह मांग की।

उन्होंने कहा कि सरकार छोटी गलतियों को अपराध की श्रेणी से बाहर रखने के लिए जन विश्वास विधेयक लाई है, यह अच्छी बात है लेकिन उसे यूएपीए जैसे कड़े कानून के तहत जेलों में बंद सैकड़ों लोगों की परेशानियों पर भी ध्यान देना चाहिए।

शेख ने कहा, ‘‘मुझसे बेहतर यह कोई नहीं जानता। जेलें भरी पड़ी हैं। अदालतों के पास बहुत बोझ है। जमानत आवेदन पर कई महीनों तक सुनवाई नहीं हो पाती।’’

उन्होंने सांसद चुने जाने के बाद उन्हें जमानत नहीं मिलने का जिक्र करते हुए कहा कि यूएपीए की धारा 43डी के तहत जमानत मिलना बहुत मुश्किल है।

शेख ने कहा, ‘‘मैं जेल से बैठकर चुनाव लड़ा, कानून ने मुझे अनुमति दे दी। लेकिन अब कौन सा कानून मुझे आने से रोक रहा है। या तो किसी को जेल से चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं हो। जब संसद सत्र होता है तो राष्ट्रपति हमें शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजती हैं, लेकिन एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) हमें आने से रोकती है। इस पर ध्यान देना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस यूएपीए जैसा कानून लेकर आई थी जिसने ‘‘लोगों के सिरों पर तलवार लटका दी और इस सरकार ने बाकी कमी पूरी कर दी।’’

शेख ने कहा कि यूएपीए में बंद सभी लोग अपराधी नहीं है और इसमें जमानत का प्रावधान होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वह सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध करते हैं कि अगर वाकई ‘सबका साथ’ चाहिए तो इस तरह का कदम उठाया जाए।

शेख ने कहा, ‘‘अगर आप लोगों का विश्वास जीतना चाहते हैं तो यूएपीए जैसे कठोर कानूनों पर विचार करें।’’

उन्होंने कहा कि यूएपीए की धारा 43डी के संबंध में संशोधन लाया जाए।

भाषा वैभव माधव

माधव