पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हो सकती है बढ़ोतरी? अंतरराष्ट्रीय बाजार ने खड़ी की ये मुसीबत

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Petrol and diesel prices may increase? : पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हो सकती है बढ़ोतरी? अंतरराष्ट्रीय बाजार ने खड़ी की ये मुसीबत....

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  • Publish Date - June 11, 2022 / 11:53 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:53 PM IST

Petrol Diesel Price : नई दिल्ली। बढ़ती महंगाई का बोझ कम करने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की। इस बीच महंगाई पर काबू पाने के लिए कई कदम उठाए गए। रेपो रेट में 2 बार बढ़ोतरी की गई। इस बीच ऐसी संभावना जताई जा रही है कि देश में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए जा सकते है। बड़ी बात ये है कि इस बार शायद सरकार भी पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटाकर इसे कंट्रोल ना कर पाए, क्योंकि इसकी वजह घरेलू नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय है।

क्या है इंडियन बास्केट तेल

दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इंडियन बास्केट तेल का प्राइस बढ़ गया है। भारत अपनी जरुरत का 80 फीसदी कच्चा तेल अन्य देशों से आयात करता है। इसके साथ ही भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इंपोर्टर है। ज्यादा मात्रा में तेल खरीदने और अलग-अलग देशों से तेल को सोर्स करने की वजह से भारत के लिए कच्चे तेल का भाव बाजार भाव से अलग होता है। इसे ही क्रूड ऑयल का इंडियन बास्केट कहते हैं।

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2012 के बाद का सबसे ऊंचा भाव

एक न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को इंडियन बास्केट क्रूड ऑयल का प्राइस 121.28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। ये पिछले 10 साल में इंडियन बास्केट का सबसे उच्च स्तर है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के आंकड़ो के मुताबिक इंडियन बास्केट के कच्चे तेल का ये भाव फरवरी/मार्च 2012 के बाद का सबसे ऊंचा भाव है।

गौरतलब है कि हाल में बढ़ती महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए भारत सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की थी। इससे देश में एक झटके में पेट्रोल के दाम 9.50 रुपये और डीजल के 7 रुपये प्रति लीटर कम हो गए। कई राज्यों के वैट घटाने से इसके भाव में कमी आई, लेकिन इस बार शायद बात सरकार के हाथ से निकल सकती है।

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13 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गया क्रूड ऑयल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत में तेजी से उछाल रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण हुआ है। उस दौरान 25 फरवरी से 29 मार्च के बीच कच्चे तेल का भाव औसतन 111.86 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। इसके बाद 30 मार्च से 27 अप्रैल के बीच इसमें थोड़ी गिरावट देखी गई। इस दौरान ये 103.44 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। जिसके बाद ये 13 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गए। अमेरिका जैसे बड़े बाजार में मांग का बढ़ने के कारण इसका असर इंडियन बास्केट पर भी दिखा।

फिलहाल राहत वाली बात ये है कि भारत में अभी कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भाव और इंडियन बास्केट क्रूड ऑयल भाव के नई ऊंचाई पर पहुंचने का तत्काल असर पेट्रोल-डीजल की रिटेल कीमतों पर नहीं पड़ा है।

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