प्रधानमंत्री और मंत्री प्रधान की ‘जुगलबंदी’ लाखों युवाओं की उम्मीदों को तोड़ रही है: कांग्रेस

प्रधानमंत्री और मंत्री प्रधान की ‘जुगलबंदी’ लाखों युवाओं की उम्मीदों को तोड़ रही है: कांग्रेस

प्रधानमंत्री और मंत्री प्रधान की ‘जुगलबंदी’ लाखों युवाओं की उम्मीदों को तोड़ रही है: कांग्रेस
Modified Date: May 30, 2026 / 06:55 pm IST
Published Date: May 30, 2026 6:55 pm IST

नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि ‘प्रधानमंत्री और मंत्री प्रधान की जुगलबंदी’ शिक्षा व्यवस्था को ‘चौपट’ करके, ‘बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार’ को पनपने देने और आरएसएस द्वारा चयनित ‘तीसरे दर्जे के शिक्षाविदों की घुसपैठ’ को बढ़ावा देकर देशभर के लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को चकनाचूर कर रही है।

विपक्षी दल ने यह हमला शनिवार को कुछ केंद्रों पर तकनीकी खराबी के कारण ‘सीयूईटी-यूजी 2026’ परीक्षा में विलंब होने के बाद किया।

स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए ‘सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा-स्नातक’ (सीयूईटी-यूजी) का आयोजन शनिवार को देशभर में किया गया था।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और सीबीएसई के बाद अब सीयूईटी का मामला है। मोदी सरकार स्पष्ट रूप से नुकसान को कम करने की कोशिश कर रही है। मंत्री प्रधान की अक्षमता, अहंकार और संवेदनहीनता पूरी तरह से उजागर हो चुकी है।’’

रमेश ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘जनता की नजर में गिरने के कारण उन्हें बचाना असंभव है, और यहां तक ​​कि उनके समर्थक भी उन्हें छोड़ने को तैयार हैं।’

रमेश ने कहा, ‘‘अब उनका ध्यान प्रधानमंत्री की छवि सुधारने पर केंद्रित है जो लाखों छात्रों की पीड़ा के प्रति पूरी तरह से मौन और उदासीन रहे हैं, लेकिन कथित तौर पर स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अब भी केवल दिखावा और जनसंपर्क प्रबंधन कर रही है।

कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी और पार्टी महासचिव रमेश ने दावा किया, ‘‘21 जून को नीट-यूजी के आयोजन के लिए प्रश्नपत्रों के परिवहन संबंधी प्रबंधन में भारतीय सशस्त्र बलों का इस्तेमाल उनकी ईमानदारी और दक्षता का लाभ उठाने का महज एक प्रयास है। यह सार्थक बदलाव से कहीं अधिक दिखावे के लिए है।’’

रमेश ने दावा किया कि यह स्पष्ट है कि इस महीने नीट-यूजी के प्रश्नपत्र के लीक होने की घटना प्रश्नपत्र तैयार करने वालों और अनुवादकों के स्तर पर हुई, न कि प्रश्नपत्र का परिवहन करने के चरण में।’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘ध्यान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के भ्रष्ट ठेकेदारों और ‘आउटसोर्स’ कर्मचारियों की फौज को भंग करने पर होना चाहिए, लेकिन मोदी सरकार उन्हें छूट दे रही है क्योंकि यह एक खुला रहस्य है कि उनमें से अधिकांश राजनीतिक रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।”

रमेश ने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री-मंत्री प्रधान की यह जुगलबंदी देशभर के लाखों युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को चकनाचूर कर रही है। इस जोड़ी ने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है, आरएसएस द्वारा चयनित किए गए तीसरे दर्जे के शिक्षाविदों की घुसपैठ को बढ़ावा दिया और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को पनपने दिया है।”

उन्होंने ओराप लगाते हुए कहा, ‘‘उनका बचाव करने का यह नया प्रयास कारगर साबित नहीं हो रहा है, क्योंकि इस अराजकता के लिए पूरी तरह से ये दोनों ही जिम्मेदार हैं।’’

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने बताया कि सीयूईटी की समस्या का समाधान हो गया है और परीक्षा पूरी तरह से निर्धारित समय के साथ आयोजित की जा रही है ताकि किसी भी उम्मीदवार को असुविधा न हो।

एनटीए ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘टीसीएस ने बताया है कि उनकी ओर से तकनीकी खराबी के कारण शनिवार को कुछ केंद्रों पर वर्ष 2026 के लिए आयोजित सीयूईटी-यूजी के शुरू होने में देरी हुई। समस्या का समाधान हो गया है और परीक्षा पूरी तरह से निर्धारित समय के साथ आयोजित की जा रही है ताकि किसी भी अभ्यर्थी को असुविधा न हो।’’

एनटीए ने कहा, ‘‘दोपहर के सत्र का समय (संशोधित): प्रवेश दोपहर 2:30 बजे से, परीक्षा दोपहर 3:00 बजे के बजाय शाम 4:00 बजे शुरू हुई।’

सीयूईटी-यूजी, केंद्रीय, राज्य स्तरीय और चुनिंदा निजी विश्वविद्यालयों में स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए एनटीए द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है।

इससे पहले शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर देश की शिक्षा व्यवस्था को ‘पूरी तरह से बर्बाद’ करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार ‘विश्वगुरु’ होने का दावा करने के बावजूद एक भी परीक्षा ठीक से आयोजित कराने में असमर्थ रही है।

भाषा संतोष माधव

माधव


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