प्रधानमंत्री का सभी राजनीतिक दलों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का समर्थन करने का आग्रह

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प्रधानमंत्री का सभी राजनीतिक दलों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का समर्थन करने का आग्रह

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  • Publish Date - April 14, 2026 / 03:54 PM IST,
    Updated On - April 14, 2026 / 03:54 PM IST

देहरादून, 14 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का समर्थन करें ताकि वर्ष 2029 से इसे लागू किया जा सके ।

यहां 11,963 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उदघाटन करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की बहुत बड़ी भूमिका है और उनकी सुविधा, सुरक्षा और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी ‘डबल इंजन’ सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चार दशकों के इंतजार के बाद लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था और अब उसे लागू करने में देर नहीं होनी चाहिए ।

उन्होंने कहा कि सभी दलों ने आगे आकर इस महत्वपूर्ण कानून को समर्थन दिया और अब महिलाओं को मिलने वाले इस हक को लागू होने में देर नहीं होनी चाहिए और 2029 में होने वाले लोकसभा चुनावों से इसे लागू हो जाना चाहिए।

मोदी ने कहा, ‘‘यह देश की जन भावना है। यह देश की हर बहन—बेटी की इच्छा है।’’

उन्होंने कहा कि इसी विषय पर संसद में 16 से 18 अप्रैल तक विशेष चर्चा की जाएगी जहां देश की महिलाओं के हक से जुड़े इस काम को सभी राजनीतिक दल मिलकर सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं और उसे पूरा करें ।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने देश की सभी महिलाओं के नाम एक खुला पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने बहुत आग्रह के साथ उन्हें इस कार्य मे भागीदार बनने के लिए निमंत्रित किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पक्का विश्वास है कि यह पत्र देश की माताएं, बहनें जरूर पढ़ेंगी, एक-एक शब्द पर मनन करेंगी और इतना पवित्र कार्य करने के लिए 16,17 और 18 को संसद में पहुंचने वाले सभी सांसदों को उनके आशीर्वाद मिलेंगे।’’

उन्होंने कहा कि वह देवभूमि उत्तराखंड से देश के सभी सभी दलों से फिर अपील करेंगे कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का जरूर समर्थन करें ताकि 2029 में देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या को हम उनका हक देकर रहें।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संकट के कारण विकसित देशों में भी हाहाकार मचा हुआ है, लेकिन ऐसे मुश्किल हालात में भी सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को कम से कम परेशानी हो ।

भाषा दीप्ति संतोष

संतोष