पिछली बीजद सरकार ने पुरी मंदिर के रत्न भंडार की चाबियों में हेराफेरी की थी : ओडिशा के मंत्री

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पिछली बीजद सरकार ने पुरी मंदिर के रत्न भंडार की चाबियों में हेराफेरी की थी : ओडिशा के मंत्री

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  • Publish Date - April 23, 2026 / 07:40 PM IST,
    Updated On - April 23, 2026 / 07:40 PM IST

भुवनेश्वर, 23 अप्रैल (भाषा) पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की सुरक्षा को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) के बीच राजनीतिक घमासान बृहस्पतिवार को और तेज हो गया। कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने मूल चाबी खो जाने के बाद खजाने की जाली चाबी बनवाई थी।

हरिचंदन की ये टिप्पणी बीजद के वरिष्ठ नेता प्रणब प्रकाश दास द्वारा सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट के जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने भाजपा पर 2024 के लोकसभा चुनावों और राज्य विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के लिए मंदिर और उसके रत्न भंडार का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।

दास ने कहा कि जब बीजद राज्य में सत्ता में था, तब भाजपा नेताओं ने यह दावा करके लोगों को गुमराह किया था कि रत्न भंडार में भगवान जगन्नाथ के आभूषण असुरक्षित हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव जीतने के लिए महाप्रभु के नाम पर राजनीति करने वाले भाजपा नेता अब बेनकाब हो गए हैं। ओडिशा की जनता उन्हें जवाबदेह ठहराएगी।’’

इससे कुछ दिन पहले श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने कहा था कि वर्तमान सूची और 1978 के रिकॉर्ड में अब तक कोई विसंगति नहीं मिली है।

दास के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए हरिचंदन ने कहा कि भाजपा ने भगवान जगन्नाथ के प्रति सम्मान के कारण इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने से परहेज किया है।

मंत्री ने कहा, ‘‘अगर हम रत्न भंडार पर सवाल उठाएंगे तो बीजद सदस्य चुप्पी साध लेंगे। खजाने की असली चाबी कहां है? चाबियां गायब थीं। फिर बीजद सरकार ने चाबियों की जालसाजी की, लेकिन वे तालों से मेल नहीं खाती थीं, जिसके चलते अधिकारियों को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ना पड़ा।’’

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर मूल चाबी गुम नहीं हुई थी तो बीजद के 24 साल के शासनकाल के दौरान रत्न भंडार को क्यों नहीं खोला गया।

भाषा आशीष नरेश

नरेश