अभिषेक बनर्जी से जुड़ी संपत्तियां केएमसी की जांच के दायरे में; भाजपा ने आक्रामक रुख अपनाया

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अभिषेक बनर्जी से जुड़ी संपत्तियां केएमसी की जांच के दायरे में; भाजपा ने आक्रामक रुख अपनाया

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  • Publish Date - May 19, 2026 / 09:39 PM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 09:39 PM IST

कोलकाता, 19 मई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाले कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कई संपत्तियों को नोटिस जारी कर जांच के लिए स्वीकृत भवन योजनाओं और संबंधित दस्तावेजों की मांग की है। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के कुछ दिनों बाद हुआ, जिसने 2011 से राज्य पर शासन कर रही टीएमसी को करारी शिकस्त दी।

नगर निगम के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि बनर्जी, उनके परिवार के सदस्यों और एक कंपनी के स्वामित्व वाली या उनसे जुड़ी 17 से 21 संपत्तियों के संबंध में नोटिस भेजे गए हैं, ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि इन स्थलों पर निर्माण निगम द्वारा अनुमोदित स्वीकृत नक्शों के अनुरूप है या नहीं।

नगर मामलों और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि टीएमसी पदानुक्रम में नंबर 2 माने जाने वाले बनर्जी “कानून से ऊपर नहीं हैं” और दावा किया कि अधिकारियों ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं से जुड़ी कथित अवैध संपत्तियों की पहचान कर ली है।

नगर निगम द्वारा जारी किए गए नोटिसों का हवाला देते हुए पॉल ने आरोप लगाया कि बनर्जी, उनके परिवार और लीव्स एंड बाउंड्स कंपनी से जुड़ी कई संपत्तियां जांच के दायरे में आ गई हैं।

उन्होंने कहा, “नक्शे लेकर आइये। अन्यथा, हम कार्रवाई करेंगे। आप कानून से ऊपर नहीं हैं।” इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कथित तौर पर अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देशों के बाद नोटिस जारी किए गए थे।

सूत्रों के अनुसार, जांच के दायरे में आने वाली संपत्तियों में 188ए हरीश मुखर्जी रोड स्थित बनर्जी का आवास, कालीघाट रोड पर स्थित एक निकटवर्ती इमारत और प्रेमेंद्र मित्रा सरानी, ​​पंडितिया रोड और उस्ताद आमिर खान सरानी जैसे स्थानों पर स्थित कई अन्य परिसर शामिल हैं।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, ये नोटिस कोलकाता नगर निगम अधिनियम, 1980 की धारा 400(1) के तहत जारी किए गए थे, जो अधिकारियों को कथित अनधिकृत निर्माण के संबंध में स्पष्टीकरण मांगने और संपत्ति मालिकों को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करने का अधिकार देता है।

सूत्रों के अनुसार, नोटिस में स्वीकृत भवन योजनाओं और निर्माण कार्य से संबंधित दस्तावेजों की मांग की गई है, और साथ ही यह स्पष्टीकरण भी मांगा गया है कि लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं सहित संरचनाओं में परिवर्धन या संशोधन के लिए अनिवार्य अनुमतियां ली गई थीं या नहीं।

केएमसी के अधिकारियों ने कहा कि प्रस्तुत दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि स्वीकृत योजनाओं या नागरिक मानदंडों से कोई विचलन हुआ है या नहीं।

नगर निगम के एक सूत्र ने कहा, “यदि स्वीकृत योजना से परे कोई निर्माण कार्य किया गया है या नगर निगम की पूर्व अनुमति के बिना कोई परिवर्तन किया गया है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई शुरू की जाएगी।”

भाषा प्रशांत माधव

माधव

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