चंडीगढ़, एक मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई ने शुक्रवार को विधानसभा का एक छद्म सत्र आयोजित किया, जिसमें पार्टी नेताओं ने भगवंत मान सरकार पर सभी मोर्चों पर विफल होने का आरोप लगाया।
यह छद्म सत्र उस दिन आयोजित किया गया जब मान सरकार ने विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया था।
उन्होंने दावा किया कि मान सरकार विपक्ष को विधानसभा में मुद्दे उठाने की अनुमति नहीं देती है और कहा कि भाजपा ने लोगों के मुद्दों को उठाने के लिए ‘जनता की विधानसभा’ (छद्म सत्र) आयोजित करने का फैसला किया है।
पंजाब भाजपा कार्यालय के पास आयोजित इस छद्म सत्र में राज्य भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा और चरणजीत सिंह अटवाल, तरुण चुघ तथा तीक्ष्ण सूद जैसे वरिष्ठ भाजपा नेता उपस्थित थे। सत्र की अध्यक्षता अटवाल कर रहे थे।
छद्म सत्र शुरू होने से पहले, चुघ ने आरोप लगाया कि मान सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है और माफिया हावी हैं।
उन्होंने कहा कि मान सरकार विपक्ष को सदन में जनता के मुद्दे उठाने की अनुमति नहीं देती है।
भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता विजय सांपला ने पत्रकारों से कहा कि मान सरकार ने पिछले चार वर्षों में मजदूर वर्ग के लिए कुछ नहीं किया और आज वे कह रहे हैं कि विशेष सत्र उन्हीं के लिए बुलाया जा रहा है।
सांपला ने आरोप लगाया, ‘मान सरकार ने जनता की समस्याओं और उनके समाधान पर कभी ध्यान नहीं दिया। यह सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है।’
राज्य विधानसभा के 117 सदस्यों में से भाजपा के दो विधायक शुक्रवार को विधानसभा के विशेष सत्र में शामिल नहीं हो रहे हैं।
पंजाब मंत्रिमंडल ने एक मई को मजदूर दिवस के अवसर पर राज्य विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया।
आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के कुछ दिनों बाद सत्र बुलाने का निर्णय लिया गया।
इससे पहले मान ने सत्र बुलाने के ‘महत्वपूर्ण निर्णय’ की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा था, ‘यह एक दिवसीय सत्र उन मेहनती श्रमिकों और कारीगरों को समर्पित होगा जो देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।’
भाषा तान्या अविनाश
अविनाश