चंडीगढ़, 28 फरवरी (भाषा) पंजाब सरकार छात्रों के लिए आनंददायक और सार्थक शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकारी प्राथमिक स्कूलों में खेल-आधारित शिक्षण किट ‘खेड पिटारा’ शुरू करने की तैयारी कर रही है। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई।
बयान में कहा गया, ‘यह पहल कक्षा में बदलाव लाने से कहीं अधिक पंजाब की मानव संपदा में एक दीर्घकालिक निवेश का प्रतिनिधित्व करती है। तीन से आठ वर्ष की आयु के बच्चों पर ध्यान केंद्रित करके भगवंत सिंह मान सरकार शिक्षा की उस नींव को मजबूत कर रही है जो भविष्य की शैक्षणिक सफलता, आत्मविश्वास और संज्ञानात्मक विकास को निर्धारित करती है।’
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, ”खेड पिटारा’ यह सुनिश्चित करेगा कि बच्चे स्कूली शिक्षा को दबाव के रूप में नहीं, बल्कि खोज, रचनात्मकता और आत्मविश्वास के निर्माण के रूप में अनुभव करें।’
बयान के अनुसार, राज्य सरकार इस पहल में लगभग 9.3 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है, जिससे पंजाब भर में प्रारंभिक स्तर पर पढ़ने वाले लगभग 7.5 लाख बच्चों को लाभ होगा।
‘खेड पिटारा’ तीन से आठ वर्ष की आयु के बच्चों के लिए बनाई की गई एक व्यापक खेल-आधारित शिक्षण-अध्यापन सामग्री किट है, जिसमें नर्सरी से कक्षा दो तक के बच्चे शामिल हैं। यह पहल खेल, अन्वेषण और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा देती है।
यह किट बच्चों को रटने के बजाय खेल, अन्वेषण और आपसी संवाद के माध्यम से सीखने में सक्षम बनाकर अनुभवात्मक, गतिविधि-आधारित और आनंददायक शिक्षा को बढ़ावा देती है।
बयान में कहा गया कि यह किट बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को मजबूत करने, भाषा और संचार कौशल में सुधार करने, रचनात्मकता और कल्पनाशीलता को बढ़ावा देने, समस्या सुलझाने की क्षमताओं को विकसित करने, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास में सहायता करने और प्रारंभिक स्कूली शिक्षा से जुड़े तनाव तथा भय को कम करने के लिए बनाई गई है।
इसमें कहा गया कि बच्चे कहानी सुनाने, खेल, व्यावहारिक गतिविधियों और सहयोगात्मक कार्यों में भाग लेंगे जो सीखने की प्रक्रिया को स्वाभाविक और सुखद बनाते हैं।
बयान में कहा गया, “इस बुनियादी चरण में निवेश करके, मान सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सीखने की कमियों को प्रारंभिक स्तर पर ही दूर किया जाए, जिससे दीर्घकालिक असमानताएं कम हों।”
ये किट एक अप्रैल तक लगभग 12,856 सरकारी प्राथमिक स्कूलों में वितरित किया जाएगा।
भाषा
प्रचेता माधव
माधव