चंडीगढ़,11 जुलाई (भाषा) पंजाब सरकार ने शनिवार को कहा कि बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया, तेज बुखार, ‘वायरल हेपेटाइटिस’ और पेट-आंत संक्रमण जैसी बीमारियों के मामले बढ़ने के बीच ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (एमएमएसवाई) से पात्र परिवारों का ‘कैशलेस’ उपचार कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार ने मच्छरों और दूषित जल से फैलने वाली मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए बीमारी की निगरानी, अस्पतालों की तैयारी और जांच सुविधाओं को बेहतर बनाया है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जमा पानी को हटाकर मच्छरों को पनपने से रोकें तथा मच्छर भगाने वाली चीजों का इस्तेमाल करके, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर खुद को बीमारियों से बचाएं और बुखार के लक्षण दिखते ही चिकित्सक से सलाह लें।
मंत्री ने कहा, ‘‘एमएमएसवाई के तहत पात्र लाभार्थी अस्पताल के खर्च की चिंता किए बगैर समय पर ‘कैशलेस’ इलाज करा सकते हैं।’’
एक सरकारी बयान में अमृतसर की 32 साल की बलविंदर कौर का ज़िक्र किया गया है, जिसने बताया कि हाल में तेज बुखार के कारण अस्पताल में भर्ती होने के बाद इस योजना के तहत उसका 8,400 रुपये का इलाज किया गया।
कौर ने बताया कि अस्पताल कर्मियों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराने करने में उसकी मदद की और आर्थिक मदद की वजह से वह चिकित्सा खर्च की चिंता किए बिना ठीक होने पर ध्यान दे पाई।
वेरका के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राज कुमार ने कहा कि लोग अक्सर डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों को आम ‘वायरल संक्रमण’ समझ लेते हैं और इलाज में देरी कर देते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआती 48 घंटे बहुत अहम होते हैं। एक साधारण रक्त परीक्षण और समय पर इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।’’
भाषा
राजकुमार जोहेब
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