चंडीगढ़, एक मई (भाषा) कांग्रेस नेता एवं पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने शुक्रवार को मांग की कि राज्य सरकार अकुशल श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाने की घोषणा करे।
बाजवा ने कहा कि मजदूर दिवस पर एक मई को विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाने वाली मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार यदि श्रमिक वर्ग को लेकर गंभीर है, तो उसे मजदूरी बढ़ाने की घोषणा करनी चाहिए।
बाजवा ने कहा, ‘‘उन्होंने विधानसभा सत्र बुलाया है। हम मांग करेंगे कि अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 400 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन की जाए।’’
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह भी मांग की कि सरकार कर्मचारियों का 14,500 करोड़ रुपये का लंबित महंगाई भत्ता जारी करे।
उन्होंने कहा, ‘‘कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की बकाया राशि जारी की जानी चाहिए। मेरा अनुरोध है कि जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक मुख्यमंत्री का वेतन, नेता प्रतिपक्ष के रूप में मेरा वेतन और पूरे राज्य मंत्रिमंडल, विधायकों, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) तथा भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों का वेतन रोका जाए।’’
बाजवा ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि सरकार शुक्रवार के सत्र में विश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष उनके खिलाफ कोई अविश्वास प्रस्ताव लेकर नहीं आया है लेकिन वे विश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं। राज्य के 117 सदस्यीय सदन में 95 विधायक होने के बावजूद उन्हें खुद पर भरोसा नहीं है।’’
इस बीच, कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व में कांग्रेस ने चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया और सरकार पर श्रमिक वर्ग को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया।
वडिंग ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘चार साल तक सरकार ने मजदूर दिवस पर विधानसभा सत्र नहीं बुलाया और न ही उनके कल्याण के लिए कोई कदम उठाया। हम मांग करते हैं कि सरकार अकुशल श्रमिकों का वेतन बढ़ाने की घोषणा करे, जो कम से कम 15,000 से 17,000 रुपये प्रति माह होना चाहिए। सरकार को इसके लिए कानून बनाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि अर्धकुशल श्रमिकों का वेतन 17,000 से 19,000 रुपये प्रति माह होना चाहिए।
राज्य मंत्रिमंडल ने एक मई को मजदूर दिवस पर पंजाब विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का इस सप्ताह की शुरुआत में फैसला किया था।
पहले जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य के श्रमिक वर्ग के सम्मान में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाले राज्य मंत्रिमंडल ने यह सत्र बुलाने को मंजूरी दी थी।
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया जब आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सदस्यों, जिनमें छह पंजाब से हैं, ने हाल में पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है।
भाषा
सिम्मी मनीषा
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