चंडीगढ़, 22 अप्रैल (भाषा) पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने राज्य भर में चतुर्थ श्रेणी (ग्रुप-डी) के कर्मचारियों के लिए ब्याज मुक्त गेहूं ऋण स्वीकृत किया है जिससे आवश्यक घरेलू उपभोग के लिए वित्तीय सहायता सुनिश्चित हो सकेगी।
चीमा ने एक बयान में कहा, ‘‘भगवंत मान सरकार पात्र ग्रुप-डी कर्मचारियों को गेहूं खरीदने के लिए कम से कम 10,340 रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करेगी। इस वित्तीय सहायता की गणना सरकार द्वारा निर्धारित प्रति परिवार चार क्विंटल गेहूं की औसत खपत के मानक पर आधारित है।”
पंजाब के वित्त मंत्री ने कार्यान्वयन की समयसीमा और बजटीय समर्थन पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘‘इन कर्मचारियों को 29 मई 2026 तक सरकारी खजाने से इस ऋण राशि को निकालने का अधिकार होगा। इस कल्याणकारी पहल के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 15 करोड़ रुपये का एक समर्पित बजट प्रावधान किया गया है।’’
उन्होंने भुगतान प्रक्रिया का विस्तार से वर्णन करते हुए इस बात पर जोर दिया कि यह योजना कर्मचारियों पर वित्तीय तनाव को कम करने के मकसद से तैयार की गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘ऋण वसूली प्रक्रिया को इस तरह से बनाया गया है कि कर्मचारियों पर वित्तीय बोझ कम से कम पड़े और वापसी के लिए आठ मासिक किस्तें निर्धारित की गईं हैं। ये वापसी जून के वेतन (जुलाई में भुगतान) से शुरू होंगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि चालू वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले ऋण की पूरी वसूली हो जाए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कर्मचारियों का कल्याण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और हम लगातार ऐसी पहल करने का प्रयास करेंगे जो उनके समर्थन तथा वित्तीय भलाई की गारंटी दें।’’
भाषा यासिर नरेश
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