चंडीगढ़, 23 अप्रैल (भाषा) पंजाब पुलिस ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आधारित डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ का प्रसारण रोकने का निर्देश दे, क्योंकि इससे सार्वजनिक व्यवस्था को गंभीर खतरा हो सकता है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव को लिखे पत्र में पंजाब पुलिस के साइबर अपराध विभाग ने यह भी कहा कि इस तरह की सामग्री की उपलब्धता से युवाओं के प्रभावित होने और आपराधिक या गैंगस्टर से संबंधित गतिविधियों की ओर आकर्षित होने का खतरा बढ़ जाता है।
‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ 27 अप्रैल को जी5 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली है।
इससे पहले, पंजाब कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर वेबसीरीज पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि अपराध और गैंगस्टर संस्कृति का महिमामंडन करना युवा पीढ़ी के कोमल मन पर ‘खतरनाक और विनाशकारी’ प्रभाव डाल सकता है।
बिश्नोई (33) वर्तमान में गुजरात की जेल में बंद है। वह कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है। वह गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मुख्य आरोपियों में से एक है।
पत्र में पंजाब पुलिस के साइबर अपराध विभाग ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री सीरीज गैंगस्टर बिश्नोई के जीवन और आपराधिक गतिविधियों को दर्शाती है और इसमें सिद्धू मूसेवाला की हत्या और अन्य प्रमुख हस्तियों से जुड़ी गोलीबारी की घटनाओं सहित गंभीर आपराधिक घटनाओं का जिक्र है।
विशेष पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध विभाग) वी नीरजा ने पत्र में लिखा है, ‘‘इसमें नाटकीय चित्रण, वास्तविक जीवन के फुटेज और कथात्मक तत्व शामिल हैं जिससे संगठित अपराध और आपराधिक तत्वों का महिमामंडन और उसका प्रसार होने की आशंका है।’’
निर्माताओं के अनुसार, यह शो ‘संस्कृति एवं व्यवस्था के नजरिए से एक अपराधी की पहचान के सफर को दर्शाता है’ और बिश्नोई को छात्र राजनीति, संगीत, विचारधारा और मीडिया के प्रभाव के तंत्र में एक ‘केस स्टडी’ के रूप में प्रस्तुत करता है।
भाषा आशीष माधव
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