मुंबई, 17 मई (भाषा) मराठी फिल्मों की वरिष्ठ अभिनेत्री उषा चव्हाण ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हस्तक्षेप के बाद उन्हें पुणे में भूमि विवाद के मामले में राहत मिली है।
उन्होंने बताया कि शिंदे ने पुणे के धनकवाड़ी इलाके में उनकी विवादित जमीन से जुड़े हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) लेनदेन पर अस्थायी रोक लगा दी है। जमीन से जुड़ा यह मामला पिछले 26 वर्षों से अदालत में लंबित है।
चव्हाण ने कहा कि अदालत द्वारा उनके बेटे हृदयनाथ काडू देशमुख के संपत्ति पर दावे को बरकरार रखने के बाद एक निजी डेवलपर ने टीडीआर को अपने नाम पर स्थानांतरित करवा लिया।
एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि देवेंद्र फडणवीस सरकार में शहरी विकास मंत्रालय का प्रभार संभालने वाले शिंदे ने निर्देश दिया है कि टीडीआर लेनदेन को तब तक स्थगित रखा जाए जब तक कि सभी हितधारकों की बात नहीं सुन ली जाती और मामले से संबंधित दस्तावेजों की जांच नहीं कर ली जाती।
चव्हाण ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे से हस्तक्षेप करने और न्याय सुनिश्चित करने की अपील की थी। उनके पति दत्तात्रेय काडू देशमुख ने भी पुणे में मीडियाकर्मियों के सामने विवाद में परिवार का पक्ष रखा था।
रविवार सुबह, चव्हाण हस्तक्षेप की मांग करने अपने बेटे के साथ ठाणे के टेंभी नाका स्थित आनंद आश्रम पहुंचीं।
उन्होंने अपना ‘वी. शांताराम लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ दिवंगत शिवसेना नेता और शिंदे के मार्गदर्शक आनंद दिघे के चित्र के सामने रख दिया। अभिनेता-निर्माता मंगेश देसाई को जब इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने शिंदे को सूचित किया।
शिंदे ने अधिकारी डी. गोविंदराज से संपर्क किया और निर्देश दिया कि पुणे नगर निगम द्वारा किए गए टीडीआर लेनदेन को अस्थायी रूप से रोक दिया जाए।
विज्ञप्ति में कहा गया, ‘शिंदे ने यह भी निर्देश दिया है कि विवाद में शामिल दोनों पक्षों (डेवलपर और नगर निगम) की अलग-अलग सुनवाई की जाए। सभी पक्षों से अपने दस्तावेज जमा करने को कहा गया है और सभी पहलुओं की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।’
बाद में शिंदे ने फोन पर चव्हाण से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। शिंदे ने वरिष्ठ अभिनेत्री को बताया कि सभी संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
शिंदे और देसाई को धन्यवाद देते हुए चव्हाण ने कहा कि अब उन्हें विश्वास है कि मामला सही दिशा में आगे बढ़ेगा और उन्हें व उनके बेटे को न्याय मिलेगा।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश