जम्मू, एक जुलाई (भाषा) जम्मू रेलवे डिवीजन ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा से पहले यहां स्टेशन पर सुरक्षा और यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी की है। इनमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और जरूरी सुविधाओं पर खास ध्यान दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
करीब 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए 57 दिनों की तीर्थयात्रा तीन जुलाई से शुरू होगी। यात्रा अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे, लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाले बालटाल मार्ग से एक साथ शुरू होगी।
तीर्थयात्रियों का पहला जत्था दो जुलाई को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना होगा।
जम्मू के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया, ‘जब हम अमरनाथ यात्रा की बात करते हैं तो यह इस इलाके (खासकर जम्मू-कश्मीर) के लिए बहुत अहम है। इसका धार्मिक महत्व भी बहुत अधिक है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी इंतजाम कर लिए गए हैं।’
उन्होंने कहा कि रेलवे ने श्रद्धालुओं के लिए तीन मुख्य मोर्चों पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं।
उन्होंने कहा, ‘सबसे पहली प्राथमिकता सुरक्षा है। टिकट जांच कर्मचारी, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) मिलकर काम कर रहे हैं ताकि स्टेशन पर कोई अप्रिय घटना न हो। तीर्थयात्रियों की आवाजाही को ठीक से व्यवस्थित किया जा रहा है ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और परेशानी-मुक्त हो।’
उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रा के दौरान यात्रियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है और पेयजल व भोजन के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
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शुभम पवनेश
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