जयपुर, नौ मई (भाषा) राजस्थान के उदयपुर जिले में शादी समारोह के दौरान एक दुल्हन को कथित तौर पर घोड़ी से उतारने और उसके परिजनों के साथ मारपीट किए जाने के मामले ने राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप ले लिया है। इस घटना के विरोध में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और दलित संगठनों ने प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
यह मामला डबोक थाना क्षेत्र के हरियाव गांव का है। पुलिस के अनुसार, 29 अप्रैल को पूजा मेघवाल की शादी के तहत बिंदौली निकाली जा रही थी। इस दौरान दुल्हन पूजा मेघवाल घोड़ी पर सवार थीं। आरोप है कि कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें घोड़ी से उतरने के लिए मजबूर किया और उनके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की।
पूजा मेघवाल ने संवाददाताओं से कहा, “मुझे घोड़ी से नीचे उतरने के लिए मजबूर किया गया। इससे मुझे बहुत अपमानित महसूस हुआ। मेरे परिवार के लोगों के साथ भी मारपीट की गई।”
घटना के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया, जहां लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं और ऐसे ही अन्य अनुभव साझा किए।
बृहस्पतिवार को बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता और दलित समुदाय के लोग बड़ी संख्या में नगर पालिका परिसर में एकत्र हुए और वहां से उदयपुर जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला।
पूजा मेघवाल भी प्रदर्शनकारियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं। इस दौरान वह फिर से घोड़ी पर सवार होकर पहुंचीं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिंदौली के दौरान दुल्हन को घोड़ी से उतारने की घटना में कुछ महिलाओं सहित करीब एक दर्जन लोग शामिल थे, लेकिन अब तक केवल चार आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच किसी अन्य अधिकारी को सौंपने की मांग की।
भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र हटवाल ने कहा कि पुलिस को केवल औपचारिक कार्रवाई करने के बजाय सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जातिवादी मानसिकता वाले लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि घटना के तथ्य स्पष्ट हैं और पुलिस को पहले से इसकी जानकारी है। उनके अनुसार, दुल्हन को घोड़ी से नीचे उतरने के लिए मजबूर किया गया, पथराव हुआ और बारात में शामिल लोगों पर लाठियों तथा लोहे की रॉड से हमला किया गया।
भीम आर्मी के उपाध्यक्ष रोशन मेघवाल ने कहा कि संगठन ने मामले में नामजद सभी नौ आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि अब तक केवल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मुआवजा देने तथा जांच अधिकारी को बदलने की मांग भी की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर संगठन जयपुर में विरोध प्रदर्शन करेगा।
पुलिस ने बताया कि इस घटना के संबंध में डबोक थाने में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
भाषा
पृथ्वी रवि कांत