Rajnath Singh Latest News: मध्य-एशिया संघर्ष के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को बड़ी जिम्मेदारी.. बनाये गये इंटर-मिनिस्ट्री ग्रुप के प्रमुख

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Rajnath Singh Inter-Ministerial Group: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में अंतर-मंत्रालयी समूह गठित, मध्य-पूर्व संघर्ष और ईंधन कर में कटौती पर नजर।

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  • Publish Date - March 27, 2026 / 03:27 PM IST,
    Updated On - March 27, 2026 / 03:34 PM IST

Rajnath Singh Inter-Ministerial Group || Image- ANI News File

HIGHLIGHTS
  • रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बने अंतर-मंत्रालयी समूह के प्रमुख।
  • ईरान-इज़राइल संघर्ष से बढ़ी तेल आपूर्ति संकट।
  • सरकार ने पेट्रोल-डीज़ल पर उत्पाद शुल्क घटाया।

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष से पैदा हुए हालात पर नजर रखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया है। (Rajnath Singh Inter-Ministerial Group) इस समूह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित अन्य मंत्री भी शामिल हैं।

उत्पाद शुल्क में बड़ी कटौती का ऐलान

सरकार ने आज सुबह पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में बड़ी कटौती की घोषणा की। इसके तहत पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है। वहीं, डीजल के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर 21.5 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है।

इसके अलावा, विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) पर कर संरचना में भी बदलाव किया गया है। एटीएफ पर 50 रुपये प्रति लीटर का नया उत्पाद शुल्क लगाया गया है, हालांकि कुछ छूटों के कारण प्रभावी कर दर 29.5 रुपये प्रति लीटर तक सीमित रहेगी, जिससे विमानन क्षेत्र पर बोझ कम होगा। सरकार का दावा है कि इन कर संशोधनों का मकसद ईंधन की कीमतों में स्थिरता बनाए रखना है।

दरअसल केंद्र सरकार ने यह कदम वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच उठाया गया है, जो मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण उत्पन्न हुआ है। (Rajnath Singh Inter-Ministerial Group) रिपोर्टों के अनुसार, ईरान द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी के चलते स्थिति और गंभीर हो गई है। इस जलडमरूमध्य से प्रतिदिन दुनिया के कुल कच्चे तेल और गैस का लगभग 20 से 25 मिलियन बैरल, यानी लगभग पांचवां हिस्सा, गुजरता है। संघर्ष से पहले भारत इस आपूर्ति का लगभग 12 से 15 प्रतिशत आयात करता था।

देश में ईंधन के पर्याप्त भण्डार

इस बीच, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि देशभर में सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और पेट्रोल व डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। मंत्रालय ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराकर खरीदारी न करने की अपील की है।

शांति वार्ता की कोशिशों के बावजूद संघर्ष जारी

पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर, डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के साथ शांति वार्ता की कोशिशों के बावजूद संघर्ष जारी है। शनिवार को इज़राइल रक्षा बल ने दावा किया कि उन्होंने यज़्द में ईरानी शासन के मिसाइल और समुद्री खदान उत्पादन केंद्र पर हमला किया है। आईडीएफ के अनुसार, इस केंद्र का उपयोग उन्नत मिसाइलों के विकास, संयोजन और भंडारण के लिए किया जाता था, जिन्हें क्रूज प्लेटफॉर्म, पनडुब्बियों और हेलीकॉप्टरों से समुद्री लक्ष्यों पर इस्तेमाल किया जा सकता था। (Rajnath Singh Inter-Ministerial Group) वहीं, अमेरिकी वायु सेना ने भी पुष्टि की है कि तेहरान में किए गए हमलों में हथियार उत्पादन से जुड़े बुनियादी ढांचे और विशेष रूप से बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण स्थलों को निशाना बनाया गया।

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प्रश्न: राजनाथ सिंह को क्यों जिम्मेदारी दी गई?

उत्तर: राजनाथ सिंह को मध्य-पूर्व संघर्ष पर निगरानी रखने के लिए अंतर-मंत्रालयी समूह का प्रमुख बनाया गया।

प्रश्न: सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर क्या कदम उठाए?

उत्तर: सरकार ने पेट्रोल पर 3 रुपये और डीजल पर उत्पाद शुल्क पूरी तरह घटाया।

प्रश्न: क्या भारत के पास पर्याप्त पेट्रोल-डीज़ल भंडार हैं?

उत्तर: हां, पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि पूरे देश में पर्याप्त पेट्रोल-डीज़ल भंडार उपलब्ध हैं।