ईटानगर, 26 मई (भाषा) अरुणाचल प्रदेश में चांगलांग जिले के सुदूरवर्ती विजयनगर जंगलों में अनुसंधानकर्ताओं ने ‘ब्लूबेरी’ पौधे की एक दुर्लभ एवं लुप्तप्राय जंगली प्रजाति ‘वैक्सीनियम पिलिफेरम’ को लगभग 188 वर्षों के बाद फिर से खोज निकाला है, जिसे पहली बार 1836 में दर्ज किया गया था।
पूर्वी हिमालय क्षेत्र में इस प्रजाति की पुनः खोज को एक बड़ी वानस्पतिक उपलब्धि और भारत के जैव विविधता अभिलेखों में एक महत्वपूर्ण वृद्धि के रूप में देखा जा रहा है।
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि ‘वैक्सीनियम पिलिफेरम’ एरिकेसी परिवार से संबंधित है, जिसमें ब्लूबेरी और क्रैनबेरी शामिल हैं।
इस संबंध में एक सूत्र ने बताया कि इस प्रजाति की खोज हाल ही में सोसाइटी फॉर एजुकेशन एंड एनवायरनमेंटल डेवलपमेंट, सीएसआईआर-नॉर्थ ईस्ट इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एनईआईएसटी) और सहयोगी संस्थानों के अनुसंधाकर्ताओं ने की।
संबंधित पौधे को मूल रूप से औपनिवेशिक काल के दौरान 1836 में दर्ज किया गया था, लेकिन पीढ़ियों तक इसका कोई पता नहीं चला, जिससे कई वनस्पति विशेषज्ञों को लगा कि यह जंगल से विलुप्त हो गया होगा।
भाषा नेत्रपाल माधव
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