जातिवादी टिप्पणी पर कॉलेज के प्राचार्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध

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जातिवादी टिप्पणी पर कॉलेज के प्राचार्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध

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  • Publish Date - August 12, 2021 / 05:26 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:50 PM IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कॉलेज की एक बर्खास्त प्रोफेसर द्वारा दायर उस शिकायत पर पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है जिसमें कथित जातिवादी टिप्पणी के लिए प्राचार्य के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।

अपर सत्र न्यायाधीश चारु अग्रवाल ने आवेदन पर थाना प्रभारी से रिपोर्ट मांगी है। सहायक प्रोफेसर के रूप में काम करने वाली शिकायतकर्ता ने यह आरोप लगाते हुए अदालत का रुख किया कि चार प्रोफेसरों के साथ प्राचार्य ने फर्जी दस्तावेज, झूठे रिकॉर्ड बनाकर और झूठे सबूत देकर उसे सेवा से बर्खास्त करने की साजिश रची।

शिकायतकर्ता ने कहा है, ‘‘आरोपी संख्या एक (प्राचार्य) का व्यवहार जातिवादी, अपमानजनक, भेदभावपूर्ण, शिकायतकर्ता के प्रति धमकी भरा रहा है और आरोपी संख्या एक जातिवादी टिप्पणी इस कदर करता था कि 10 अगस्त, 2020 को शिकायतकर्ता को नौकरी पर फिर से रखने से मना कर दिया गया था।’’

प्रोफेसर ने अदालत से पुलिस को प्राचार्य और अन्य के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने और कानून के अनुसार उन्हें दंडित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया।

याचिका में कहा गया है, ‘‘शिकायतकर्ता को अभी भी विभिन्न असामाजिक तत्वों द्वारा आरोपी व्यक्तियों की ओर से नियमित रूप से धमकी मिल रही है और इस तरह से उसका और उसके परिवार का जीवन आरोपी व्यक्तियों और उनके साथियों के कब्जे में है।’’

इसके अलावा, उन्होंने अदालत को अवगत कराया कि दिल्ली के मौरिस नगर पुलिस थाने के थाना प्रभारी (एसएचओ) ने उसकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की, जिसके बाद उन्होंने पुलिस उपायुक्त (उत्तरी जिले) के पास शिकायत दर्ज कराई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि वह दोषी एसएचओ के खिलाफ ड्यूटी में लापरवाही के लिए और डीसीपी के खिलाफ एसएचओ पर कानूनी कार्रवाई नहीं करने के लिए एससी / एसटी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दे।

भाषा

देवेंद्र नरेश

नरेश