(तस्वीरों के साथ)
नामची, 22 जुलाई (भाषा) सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी की तीस्ता चरण छह पनबिजली परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग ढहने से फंसे लोगों को निकालने के लिए खोज एवं बचाव अभियान बुधवार को फिर से शुरू कर दिया गया।
सुरंग के अंदर कीचड़ और पानी भर जाने के कारण यह अभियान कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और आसनसोल बचाव दल के कर्मियों ने बुधवार सुबह फिर से खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया और उनका मुख्य ध्यान सुरंग से पानी बाहर निकालने पर है।
दक्षिण सिक्किम के समरडुंग में सोमवार दोपहर एनएचपीसी पनबिजली परियोजना की निर्माणाधीन ‘हेड रेस सुरंग’ (एचआरटी) कथित तौर पर चट्टानों के भीतर फंसी मीथेन गैस के अचानक निकलने से हुए विस्फोट के कारण ढह गई। अधिकारियों ने इस हादसे में कम से कम 20 श्रमिकों की मौत की पुष्टि की है।
अधिकारियों ने बताया कि सुरंग से अब तक 12 श्रमिकों के शव निकाले जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि सुरंग में जमा हुए पानी को निकालने और दुर्घटनास्थल को आगे के अभियान के लिए सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही बाकी शवों को निकालने का काम शुरू होगा।
एनएचपीसी के मुताबिक, निर्माणाधीन सुरंग में कथित तौर पर चट्टानों के भीतर की मीथेन गैस के अचानक निकलने से हुए विस्फोट के कारण वहां घना धुआं और जहरीली गैस फैल गई।
अधिकारियों ने बताया कि बचाव कर्मियों को आपातकालीन सहायता देने के लिए दुर्घटनास्थल पर चिकित्सा दल और एंबुलेंस तैनात की गई हैं।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने सुरंग ढहने की घटना में मारे गए श्रमिकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया।
भाषा पारुल पवनेश
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