जयपुर, दो जुलाई (भाषा) राजस्थान के बीकानेर जिले के धनेरू गांव में एक सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन की छत बृहस्पतिवार को ढह गई। हालांकि, घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, क्योंकि भवन को असुरक्षित घोषित किए जाने के मद्देनजर दो दिन पहले ही खाली करा लिया गया था।
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बुरलाई तलाई स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में करीब 80 छात्र पंजीकृत हैं और चूंकि, भवन को असुरक्षित घोषित कर दिया गया था, इसलिए परिसर में फिलहाल पेड़ों के नीचे कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
प्रधानाचार्य सोनू कुमारी मीणा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम ने हाल में हुई बारिश के बाद 19 जून को भवन का निरीक्षण किया था।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान भवन को जर्जर और इस्तेमाल के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया गया था, जिसके बाद पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (पीईईओ) के निर्देश पर भवन के बाहर ‘प्रवेश निषेध’ का बोर्ड लगाकर उसे बंद कर दिया गया था।
इस बीच, ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने शिक्षा निदेशक और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर नये भवन के निर्माण की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों ने कहा कि नये भवन के निर्माण की मांग लंबे अरसे से लंबित है और घटना के बाद इसे मानने में देरी नहीं की जानी चाहिए।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता आईदान पारीक ने कहा कि इससे पहले तोलियासर और बाना गांव के सरकारी विद्यालयों में भी छत गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि धनेरू की घटना ने सरकारी विद्यालयों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी किशनदान चारण ने कहा कि जून में हुई बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से भवन के छत की पट्टियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं।
उन्होंने कहा कि छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें पहले ही नजदीकी विद्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।
चारण ने कहा कि घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
भाषा
बाकोलिया पारुल
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