भुवनेश्वर, सात मई (भाषा) रूस ने स्वतंत्रता सेनानी एवं ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के सम्मान में बुधवार को नयी दिल्ली स्थित अपने दूतावास में एक स्मारक पट्टिका का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
यह कार्यक्रम द्वितीय विश्व युद्ध में विजय की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाये जाने वाले समारोह का हिस्सा था।
बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख एवं बीजू पटनायक के छोटे पुत्र नवीन पटनायक राष्ट्रीय राजधानी स्थित रूसी दूतावास में आयोजित समारोह में शामिल हुए।
पटनायक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान स्टेलिनग्राद ऑपरेशन में बीजू पटनायक के योगदान को याद करने के लिए नयी दिल्ली स्थित रूसी दूतावास में स्मारक पट्टिका के अनावरण समारोह में शामिल होकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। स्टेलिनग्राद की लड़ाई ने नाजी जर्मनी के खिलाफ युद्ध में रूस को सफलता दिलायी, जिसने दुनिया को अनकही भयावहता से बचाया। ओडिशा के लोग बीजू पटनायक के लिए इस सम्मान से बेहद प्रसन्न होंगे, जिनका वे बहुत आदर करते हैं। सम्मान के लिए भारत में रूसी दूतावास का धन्यवाद।’’
रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता पटनायक को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया था।
मुख्य समारोह 9 मई को होगा।
अलीपोव ने पटनायक को लिखे पत्र में कहा था, ‘‘जिन नायकों को हम श्रद्धांजलि देते हैं, उनमें आपके दिवंगत पिता माननीय बीजू पटनायक जी भी शामिल हैं। वह एक महान व्यक्तित्व और ‘इंडियन नेशनल एयरवेज’ के एक बहादुर पायलट थे, जिन्होंने स्टेलिनग्राद ऑपरेशन में भाग लिया था और लाल सेना को हथियारों की आपूर्ति की थी।’’
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जुलाई 1942 से फरवरी 1943 तक स्टेलिनग्राद की लड़ाई हुई थी।
रूस ने उन लोगों को सम्मानित करने की योजना बनाई है ‘जो हिटलर विरोधी गठबंधन में नाजीवाद के खिलाफ खड़े हुए थे।’’ इस दौरान पूर्व सोवियत संघ और उसके सहयोगी देशों के लोगों के वीरतापूर्ण कार्यों को याद किया जाएगा, जिन्होंने मानव इतिहास के सबसे क्रूर संघर्ष का खामियाजा उठाया था।
बीजू पटनायक दो बार – 1961 से 1963 तक और फिर 1990 से 1995 तक ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। उनका 17 अप्रैल, 1997 को निधन हो गया था।
भाषा
अमित मनीषा
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