जयपुर, 29 जून (भाषा) राजस्थान भर में वाल्मीकि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रही जिसके कारण राजधानी जयपुर समेत पूरे प्रदेश में सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई और जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए।
सफाई कर्मचारियों ने भर्ती प्रक्रिया और नौकरी की शर्तों से संबंधित अपनी मांगों को लेकर काम बंद कर दिया है।
हड़ताल का असर शनिवार से ही दिखाई देने लगा था, जब कर्मचारियों ने कूड़ा उठाना बंद कर दिया और जयपुर के कई इलाकों में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने परकोटे में कूड़ा ले जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर बड़ी चौपड़ पर कचरा फैला दिया। छोटी चौपड़, जौहरी बाजार और राजा पार्क से भी ऐसी ही घटनाएं सामने आईं।
संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने कहा कि जब तक सरकार पहले हुए समझौतों को लागू नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने कई बार हमारे साथ समझौते किए हैं। हम चाहते हैं कि उन समझौतों के तहत दिए गए आश्वासनों को लागू किया जाए। सफाई कर्मचारियों की भर्ती में वाल्मीकि समुदाय के पारंपरिक सफाई कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाए, ठेका प्रथा समाप्त की जाए और कर्मचारियों को दो वर्ष बाद नियमित किया जाए।’
डंडोरिया ने कहा कि वादों को पूरा करने में हो रही देरी से समुदाय में नाराजगी बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, ‘विरोध प्रदर्शन के दौरान हमारी मांगें मान ली जाती हैं, लेकिन उन्हें लागू करने के समय नियमों और प्रक्रियाओं का हवाला देकर देरी की जाती है। इससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।’’
एक अन्य सफाई कर्मचारी ने कहा कि इस मुद्दे के समाधान के लिए बार-बार प्रयास किए गए, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने सरकार को पर्याप्त समय दिया। पहले एक महीने का नोटिस दिया, फिर सात दिन और उसके बाद 24 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो हमारे पास काम बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।’’
संघ की मांग है कि सफाई कर्मचारियों की भर्ती में पारंपरिक रूप से यह कार्य करने वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाए, कर्मचारियों को नियमित किया जाए, ठेका और अनुबंध व्यवस्था समाप्त की जाए तथा नगर निगम निधि से समय पर वेतन और अन्य भुगतान सुनिश्चित किए जाएं।
हालांकि, समुदाय के भीतर हड़ताल को लेकर मतभेद भी हैं। सफाई कर्मचारी नेता पवन चौधरी ने हड़ताल का विरोध करते हुए कहा, ‘‘हम काम बंद करने का समर्थन नहीं करते। हम शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम प्रशासन के साथ काम करते रहेंगे। साथ ही सरकार को सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बिना अनावश्यक देरी के भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।’’
अधिकारियों ने कहा कि गतिरोध समाप्त करने के लिए कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत जारी है।
स्थानीय निकाय निदेशक जुइकर प्रतीक चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है और संवाद आगे भी जारी रहेगा। भर्ती प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है और इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।’’
भाषा पृथ्वी
वैभव खारी
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