इंफाल, 11 जुलाई (भाषा) मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में शनिवार को सुरक्षा बलों ने भीड़ को एक समुदाय के इलाके की ओर बढ़ने से रोक दिया, जिससे ‘संभावित झड़प टल गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘शनिवार को करीब 600 लोगों की भीड़ कांटो साबल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही थी। सुरक्षा बलों ने तुरंत हस्तक्षेप करके संभावित सांप्रदायिक झड़प टाल दी।’
पुलिस ने कहा कि कुछ उपद्रवियों ने खाली पड़े मकानों में आग लगाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति पर तुरंत काबू पा लिया गया और ‘किसी की जान नहीं गई।’
पुलिस ने बताया कि इस संबंध में एक मामला दर्ज किया गया है और कार्रवाई जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया।
इस बीच, स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने मैतेई समुदाय के तीन मकानों को आग लगा दी। उन्होंने कहा कि यह भीड़ पड़ोसी कुकी बहुल जिले कांगपोकपी से आई थी।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि कांगपोकपी जिले से बड़ी संख्या में लोग इंफाल पश्चिम जिले के कांटो साबल इलाके में पहुंचे और दोपहर करीब साढ़े 12 बजे से कम से कम तीन घरों को आग लगा दी।
उन्होंने बताया कि जिन घरों में आग लगाई गई, वे मैतेई समुदाय के लोगों के थे और मई 2023 में हिंसा शुरू होने के बाद से खाली पड़े थे। यह इलाका घाटी के किनारे स्थित है और कुकी बहुल जिले से सटा हुआ है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि जब उन्होंने मकानों में आग लगती देखी तो आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग कांटो साबल की ओर जाने लगे, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया। इससे स्थानीय निवासियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
थोकचोम रेबुबाला देवी ने पत्रकारों से कहा, ‘मैं कांटो साबल की निवासी हूं। आज करीब 12 बजे हमने देखा कि 500 से अधिक कुकी लोग रैली निकालते हुए कांटो साबल की ओर बढ़ रहे थे, जो मैतेई बहुल इलाका है। कुकी लोग पास के पहाड़ी इलाकों से घाटी में उतरे और हमारे खाली पड़े मकानों में आग लगानी शुरू कर दी। मकानों में आग लगाने के बाद वे वापस चले गए। जब हमने घरों में आग लगती हुई देखी तो हम घटनास्थल की ओर जाने लगे, लेकिन सुरक्षा बलों ने हमें रोक दिया।’
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य पुलिस बल समेत अतिरिक्त सुरक्षा बलों को इलाके में भेजा गया।
भाषा जोहेब माधव
माधव