धार के भोजशाला परिसर में सुरक्षा कड़ी की गई

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धार के भोजशाला परिसर में सुरक्षा कड़ी की गई

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  • Publish Date - January 22, 2026 / 02:08 PM IST,
    Updated On - January 22, 2026 / 02:08 PM IST

धार (मप्र), 22 जनवरी (भाषा) इस वर्ष बसंत पंचमी (सरस्वती पूजा) शुक्रवार को मनाए जाने के कारण मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित स्थल भोजशाला में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि जिलेभर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) सहित करीब 8,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

उन्होंने बताया कि शहर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, पैदल और वाहन गश्त के साथ-साथ सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

बसंत पंचमी से पहले शहर में केसरिया झंडे और ‘अखंड पूजा’ से संबंधित होर्डिंग लगाए गए हैं।

भोजशाला–कमाल मौला मस्जिद एक मध्यकालीन स्मारक है, जिसे हिंदू समुदाय देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे प्राचीन मस्जिद बताता है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के आदेश के अनुसार, भोजशाला में हिंदुओं को प्रत्येक मंगलवार को पूजा का अधिकार है, जबकि मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को नमाज अदा करने की अनुमति है।

हिंदुओं की ओर से भोज उत्सव समिति ने 23 जनवरी को पूरे दिन पूजा की अनुमति मांगी है। वहीं, कमाल मौला नमाज इंतजामिया कमेटी ने शुक्रवार को दोपहर एक बजे से तीन बजे तक नमाज अदा करने की अनुमति के लिए ज्ञापन सौंपा है।

भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा कि बसंत पंचमी के अवसर पर भोजशाला में ‘अखंड पूजा’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 30,000 से 50,000 श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

वहीं, कमाल मौला नमाज इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष जुल्फिकार पठान ने कहा कि एएसआई के सात अप्रैल 2003 के आदेश का हवाला देते हुए बिना किसी बाधा के शुक्रवार की नमाज की अनुमति मांगी गई है।

इंदौर ग्रामीण रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अनुराग ने भोजशाला परिसर और सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया।

उन्होंने बुधवार शाम बताया कि परिसर को पांच-छह सेक्टर में विभाजित कर चरणबद्ध तरीके से पुलिस बल की तैनाती की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने हिंदू और मुस्लिम समुदाय से सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इससे पहले भी जब बसंत पंचमी शुक्रवार मनाई गई थी, तब जिला प्रशासन ने दोनों समुदायों के बीच शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया था।

सिंह ने कहा कि एएसआई ने 2003, 2013 और 2016 के अपने आदेशों में स्पष्ट किया है कि जब बसंत पंचमी और शुक्रवार की नमाज एक ही दिन हो तो पूजा सूर्योदय से दोपहर एक बजे तक और फिर साढ़े तीन बजे से सूर्यास्त तक होगी, जबकि दोपहर एक से तीन बजे तक नमाज के लिए समय दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे एएसआई के आदेशों का पालन करें और सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भोजशाला विवाद उस समय उभरा था, जब दिग्विजय सिंह राज्य के मुख्यमंत्री थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता तुष्टीकरण की राजनीति के तहत ऐसे बयान दे रहे हैं।

यादव ने कहा कि भोजशाला से सनातनियों की भावनाएं जुड़ी हैं और देवी सरस्वती का जन्मोत्सव वर्ष में एक बार आता है, इसलिए इसका समर्थन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘नमाज हर दिन पढ़ी जाती है, इसे किसी और दिन कहीं और भी पढ़ा जा सकता है।’’

अधिकारियों ने कहा कि दशकों पुराने इस विवादित स्थल पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

भाषा सं दिमो मनीषा खारी

खारी