शिवकुमार ने ली कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ
शिवकुमार ने ली कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ
बेंगलुरु, तीन जून (भाषा) कांग्रेस नेता डी. के. शिवकुमार ने पार्टी के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 64 वर्षीय शिवकुमार को लोक भवन के ‘ग्लास हाउस’ में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के दौरान शिवकुमार हाथ में संविधान की प्रति लिए हुए थे।
शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी के वरिष्ठ नेता जी.परमेश्वर और 12 अन्य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के नाम पर शपथ ली। परमेश्वर इस सरकार में उप मुख्यमंत्री होंगे।
उपमुख्यमंत्री परमेश्वर के अलावा जिन 12 नेताओं ने मंत्रीपद की शपथ ली उनमें केएच मुनियप्पा, के जे जॉर्ज, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियंक खरगे, यू टी खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धरमैया, बिरथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल हैं।
खादर और यतींद्र को छोड़कर अन्य सभी नेता पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में मंत्री रह चुके हैं।
खादर अब तक कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष थे, जबकि यतींद्र, सिद्धरमैया के पुत्र हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, केरल के मुख्यमंत्री वी.डी.सतीशन, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कई अन्य नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।
इस मौके पर विभिन्न मठों के प्रमुखों सहित सभी कई समुदायों के धार्मिक नेता भी उपस्थित थे।
शिवकुमार मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत अब कुल 14 सदस्य हैं। विधानसभा के संख्याबल के आधार पर राज्य में मंत्रिपरिषद में अधिकतम 34 सदस्य हो सकते हैं।
इस माह होने वाले राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के बाद शिवकुमार मंत्रिमंडल का विस्तार होने की संभावना है।
शपथ लेने से पहले, शिवकुमार ने खरगे, राहुल गांधी और कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का गुलदस्ता देकर और कांग्रेस का ‘अंगवस्त्रम’ पहनाकर उनका स्वागत किया। राहुल गांधी ने शिवकुमार को गले लगाकर बधाई दी।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही आठ बार के विधायक डी.के. शिवकुमार का वह वह सपना साकार हो गया, जिसके लिए उन्होंने लंबे समय तक राजनीतिक संघर्ष किया।
शिवकुमार और सिद्धरमैया के बीच काफी समय तक चली खींचतान का अंत पिछले सप्ताह सिद्धरमैया के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के साथ हुआ।
सिद्धरमैया ने कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के बाद बीते 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और उनके इस कदम से दक्षिण भारत में पार्टी के संकटमोचक माने जाने वाले शिवकुमार के लिए यह पद ग्रहण करने का रास्ता साफ हुआ।
भाषा हक हक पवनेश
पवनेश

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