भावनगर, 29 मार्च (भाषा) नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने रविवार को कहा कि भारत के विमानन क्षेत्र को नए विमानों की खरीद में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
नायडू ने बताया कि 1,700 नए विमानों के ऑर्डर दिये गये हैं, लेकिन आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के कारण इन विमानों की डिलीवरी में 15 साल तक लग सकते हैं।
गुजरात के भावनगर हवाई अड्डे पर नई उड़ानों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने वाले नायडू ने कहा कि सरकार घरेलू विमान निर्माण पर जोर दे रही है। इसके लिए वैश्विक कंपनियों जैसे एम्ब्रेयर के साथ संयुक्त उद्यम किए जा रहे हैं। इसके अलावा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ मिलकर सुखोई सुपरजेट 100 का निर्माण भी किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि अगर जमीन उपलब्ध हो तो हवाई अड्डा बनाना मुश्किल नहीं है, लेकिन कोविड-19 के बाद विमानों की उपलब्धता एक बड़ी समस्या बन गई है।
उन्होंने बताया कि दुनिया भर में विमान निर्माण धीमा हो गया है, जिससे विमानों की डिलीवरी की गति प्रभावित हुई है।
नायडू ने कहा, ‘कोविड-19 के बाद विमान निर्माण में कई कठिनाइयां आईं और आपूर्ति श्रृंखला में बाधा हुई। इसलिए विमानों के निर्माण की गति और मात्रा कम हो गई।’
उन्होंने यह भी कहा कि 1,700 विमानों के ऑर्डर लंबित हैं और उन्हें मिलने में 15 साल तक लग सकते हैं।
मंत्री ने बताया कि भारतीय विमानन कंपनियों ने बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बड़े ऑर्डर दिए हैं, और आने वाले वर्षों में इन विमानों को उड़ाने के लिए लगभग 30,000 पायलटों की जरूरत होगी।
नायडू ने कहा, ‘जब ये विमान आएंगे, तो विमानन कंपनियों के लिए नई हवाई मार्ग सुविधाएं और यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करना आसान हो जाएगा।’
इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार विमान आयात तेज करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर काम कर रही है। यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ योजनाओं के तहत उठाया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि सरकार वैश्विक कंपनियों को भारत में विमान निर्माण के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा, ‘हमने एम्ब्रेयर के साथ भारत में विमान निर्माण के लिए समझौता किया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ संयुक्त उद्यम भी सुखोई सुपरजेट 100 के उत्पादन के लिए किया गया है। ऐसे कदम भविष्य में विमानों की उपलब्धता की समस्या को हल करेंगे।’
नायडू ने इंडिगो की नई उड़ान का उद्घाटन किया, जो भावनगर को नवी मुंबई से जोड़ती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विमानन क्षेत्र का विस्तार करने और नागरिकों के लिए हवाई यात्रा सुलभ बनाने का श्रेय दिया।
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत में हवाई अड्डों, विमानों और यात्रियों की संख्या दोगुनी हो गई है।
नायडू ने कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों में 50 हवाई अड्डों का विकास करने की योजना बना रही है और 2047 तक भारत में 350 से अधिक हवाई अड्डे होंगे।
भावनगर हवाई अड्डे के बारे में उन्होंने कहा कि बड़े विमानों के उतरने के लिए विस्तार आवश्यक है। मौजूदा 1,900 मीटर रनवे को 2,400 मीटर तक बढ़ाया जाना चाहिए और इसके लिए 200 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी।
उन्होंने कहा, ‘अगर राज्य सरकार भूमि उपलब्ध कराती है, तो केंद्र इसका विस्तार करेगा।’
नायडू ने राजकोट हवाई अड्डे पर उड़ान यात्री कैफे का उद्घाटन किया और 57 अन्य हवाई अड्डों पर सुविधाओं का वर्चुअल उद्घाटन किया।
मंत्री ने कहा कि राजकोट हवाई अड्डे पर जल्द ही एक हवाई माल टर्मिनल और अंतरराष्ट्रीय उड़ान सुविधा शुरू होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि 2025 में अहमदाबाद हवाई दुर्घटना की जांच रिपोर्ट जल्द जारी की जाएगी।
भाषा योगेश नरेश
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