गुरुग्राम, 22 अप्रैल (भाषा) हरियाणा विधानसभा का विशेष एकदिवसीय सत्र 27 अप्रैल को बुलाया जाएगा, जिसमें राज्य सरकार ग्रुप ‘डी’ कर्मचारियों की पदोन्नति से संबंधित विधेयक पेश कर सकती है।
इसके साथ ही लोकसभा में हाल में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने को लेकर विपक्षी दलों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी लाए जाने की संभावना है।
गुरुग्राम में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संवाददाताओं से बातचीत में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों पर 17 अप्रैल को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को बाधित करने का आरोप लगाया।
इस विधेयक के तहत 2029 के आम चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने हेतु 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 तक करने का प्रस्ताव था।
सैनी ने कहा, “विपक्ष ने ‘नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक’’ को पराजित कर महिला सशक्तीकरण का मजाक उड़ाया है। आज महिलाएं परिवार से लेकर राष्ट्र निर्माण तक हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। लेकिन, कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने विधेयक का विरोध कर महिलाओं का अपमान किया और इस कृत्य के लिए ईश्वर भी उन्हें माफ नहीं करेगा।”
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि विशेष सत्र के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ‘हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज (भर्ती एवं सेवा शर्तें) विधेयक, 2026’ पेश करेगी, जिसमें ग्रुप ‘डी’ कर्मचारियों के लिए पदोन्नति कोटा बढ़ाने का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा, “पांच वर्ष से अधिक सेवा पूरी कर चुके कर्मचारी क्लर्क पद पर पदोन्नति के पात्र हैं। प्रस्तावित विधेयक में उनके लिए पदोन्नति कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का प्रावधान है, साथ ही अनुकंपा प्राप्त पदों के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण अनिवार्य रूप से रखा गया है।”
महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पर सैनी ने कहा कि संसद में जो हुआ, उसने विपक्ष का “वास्तविक चेहरा” उजागर कर दिया है और यह दर्शाता है कि महिलाओं को अधिकार देने के मामले में वे “विरोधी और सत्ता-लोभी” हैं।
उन्होंने कहा कि आज का भारत उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी से नयी ऊंचाइयों को छू रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर बेटियां देश का गौरव बढ़ा रही हैं और सशस्त्र बलों में भी महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने 2015 में हरियाणा के पानीपत से शुरू किए गए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे समाज की सोच में बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्ज्वला योजना जैसी पहल ने महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ाया है। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में पिछले 11 वर्षों में करीब 1.6 लाख घर बनाए गए हैं।
सैनी ने कहा कि पहले महिलाओं को गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था, लेकिन अब उज्ज्वला योजना के तहत उन्हें एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है।
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