श्रीनगर, एक जुलाई (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को सुझाव दिया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को दक्षिण और मध्य एशिया के बीच एक प्रवेश द्वार बनाए और पाकिस्तान तथा चीन के साथ संबंध मजबूत करने के लिए इसकी भौगोलिक स्थिति का इस्तेमाल करे।
महबूबा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘दुनिया भर में हालात बदल रहे हैं। आपने देखा है कि ईरान जैसे छोटे देश ने अपनी रणनीतिक स्थिति – होर्मुज जलडमरूमध्य – का इस्तेमाल करके अमेरिका जैसे ताकतवर देश को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। जम्मू-कश्मीर की भी भौगोलिक स्थिति रणनीतिक रूप से अहम है।’’
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण जम्मू-कश्मीर ‘‘प्रभावित’’ हुआ है, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी है जबकि इसके बजाय इस केंद्र शासित प्रदेश को दोनों देशों के बीच ‘‘शांति सेतु’’ बनाया जाना चाहिए।
महबूबा ने बातचीत के पक्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के हालिया बयानों का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘पीडीपी का रुख हमेशा सुलह का रहा है। जम्मू-कश्मीर एक युद्ध का मैदान बन गया है। इसके बजाय, इसे भारत और पाकिस्तान के बीच शांति सेतु बनना चाहिए। सड़कें खुली होनी चाहिए और दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही होनी चाहिए।’’
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की इस बात का जिक्र करते हुए कि ‘‘दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं’’, पीडीपी प्रमुख ने कहा कि किसी भी प्रधानमंत्री की विरासत इस बात से नहीं मापी जाती कि वह कितने ताकतवर थे या उन्होंने कितने साल शासन किया, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि उन्होंने कितने विवाद सुलझाए।
महबूबा ने कहा, ‘‘आज मुझे लगता है कि दोनों देशों के पास एक सुनहरा मौका है। (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री) शहबाज शरीफ को सेना का पूरा समर्थन हासिल है। हमारे देश में नरेन्द्र मोदी जी बहुत ताकतवर हैं। उनके पास एक सुनहरा मौका है।’’
भाषा शफीक रंजन
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