बेंगलुरु, दो जुलाई (भाषा) ग्रेटर बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र (जीबीए) की सीमा में आने वाले रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को हटाया नहीं जाएगा, बल्कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें मुख्य सड़कों से अन्य सड़कों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
शहर में पैदलपथों से अतिक्रमण हटाने के अभियान की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ आयोजित एक वर्चुअल बैठक में गौड़ा ने निर्देश दिया कि केवल रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को ही नहीं, बल्कि लावारिस और अवैध रूप से खड़े वाहनों को भी हटाया जाए, ताकि नागरिकों के लिए सुगम और व्यवस्थित पैदलपथ विकसित किए जा सकें।
मंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों को चरणबद्ध तरीके से सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
वहीं, इस अभियान का विरोध कर रहे रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई चयनात्मक है और उन्हें कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना अभियान चलाया जा रहा है।
उनका कहना है कि इससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
गौड़ा ने दावा किया कि शहर में पैदलपथों से अतिक्रमण हटाने के अभियान को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रमुख सड़कों को छोड़कर वार्ड स्तर की सड़कों पर रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को कारोबार की अनुमति देने की व्यवस्था की जाए, जिससे आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंत्री ने कहा कि जिन पैदलपथों से अतिक्रमण हटाया जा चुका है, वहां विकास कार्य तत्काल शुरू किए जाएं। साथ ही अन्य सड़कों पर भी अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रखा जाए।
उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे खड़े लावारिस वाहनों को हटाने के लिए 10 जुलाई से विशेष अभियान शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इस संबंध में अधिकारियों को नगर निगम और यातायात पुलिस के साथ समन्वय कर आवश्यक तैयारियां करने, सुनियोजित कार्ययोजना बनाने और अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने निर्देश दिया, ‘शहर को अधिक स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना चाहिए।’
भाषा
राखी अविनाश
अविनाश