SC On Ram Mandir Case. Image Source- IBC24 Archive
नई दिल्ली। SC On Ram Mandir Case अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सरकार की ओर से अपना पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने सरकार द्वारा की गई कार्रवाईयों की जानकारी दी। सॉलिसिटर जनरल (SG) ने अदालत को बताया कि मामले की जांच जारी है और इस संबंध में रिपोर्ट भी दाखिल की गई है। उन्होंने न्यायालय को यह भी जानकारी दी कि अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सुनवाई के दौरान CJI ने पूछा कि क्या मौजूदा SIT जांच कर रही है? SG ने कहा पुलिस जांच कर रही है। यह संज्ञेय अपराध (cognizable offense) का मामला बनता है। CJI ने पूछा- SIT का गठन कैसा है? क्या यह वही है? जांच अधिकारी कौन है? क्या जांच के लिए कोई SIT है?SG ने कहा नहीं। CJI ने कहा कि हम 3-4 दिन बाद इस पर सुनवाई करेंगे। हम इस रिपोर्ट को देखना चाहेंगे।
चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि मामले की जांच के लिए गठित SIT का पुनर्गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा दो IAS अधिकारी हैं। एक लखनऊ के कमिश्नर हैं, दूसरे स्पेशल सेक्रेटरी हैं। इसके अलावा एक इंस्पेक्टर जनरल (IG) स्तर के अधिकारी भी हैं। मौजूदा जांच को देखते हुए नई SIT बनाई जाए और इस IG अधिकारी को उसका प्रमुख बनाया जाए, क्योंकि उन्हें मामले की पूरी जानकारी है। CJI ने राज्य सरकार से कहा कि वह आपस में चर्चा कर SIT का पुनर्गठन करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर अदालत आगे भी आवश्यक निर्देश देगी। साथ ही अदालत ने आगाह किया कि इस मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। CJI ने कहा, “जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए और उसे उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए।”
याचिकाकर्ताओं की तरफ से सीनियर एडवोकेट कामत ने कहा- हमने एक बड़ा मुद्दा उठाया है। यहां जो हुआ है, उसके 3 पहलू हैं। जब मंदिर बन रहा था, तो ट्रस्ट ने हर भक्त से चंदा मांगा था। रसीदें भी थीं। पैसा मंदिर तक नहीं पहुंचा। एक सुझाव यह है कि ट्रस्ट के पास जो भी रसीदें हैं, उन्हें वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाए। लोगों को पता चलना चाहिए कि उनका पैसा पहुंचा है या नहीं। CJI ने कहा कि वेबसाइट नहीं, लेकिन एक अच्छी तरह से रखा गया रिकॉर्ड होना चाहिए। SG ने कहा कि मुझे निर्देश हैं कि कोर्ट के किसी भी सुझाव पर आपत्ति न करूं। निष्पक्ष जांच के लिए जो भी जरूरी हो। एडवोकेट कामत ने कहा कि राज्य को दान की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। ऐसी खबरें हैं कि ये चीजें गायब हो गई हैं। CJI ने कहा कि आपको व्यावहारिक होना होगा। लोग कह सकते हैं कि हमने हीरा दान किया है। जहां भी रसीद दी गई है, उसका रिकॉर्ड होना चाहिए।