शुभेंदु ने विधायकों को नेताजी के नाम पर सेवा केंद्र बनाने का निर्देश दिया

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शुभेंदु ने विधायकों को नेताजी के नाम पर सेवा केंद्र बनाने का निर्देश दिया

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  • Publish Date - August 12, 2026 / 09:26 PM IST,
    Updated On - August 12, 2026 / 09:26 PM IST

कोलकाता, 12 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को सभी विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जन सेवा केंद्र स्थापित करने और उनका नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखने का निर्देश दिया।

शुभेंदु ने कहा कि इन केंद्रों के संचालन के लिए राज्य सरकार कुछ शर्तों के तहत 30 हजार रुपये प्रति माह की सहायता राशि देगी।

उन्होंने कहा कि इन केंद्रों का नाम नेताजी के नाम पर रखा जाएगा और वहां पारंपरिक धोती-कुर्ता पहने बोस की तस्वीर लगाई जाएगी, जिसे राज्य का सूचना और संस्कृति विभाग उपलब्ध कराएगा।

शुभेंदु ने कहा, “पहले हमारे राज्य में विधायक सरकारी कार्यालयों से काम करते थे। अब लगभग हर विधायक का अपना कार्यालय है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विधायक द्वारा संचालित एक सेवा केंद्र होना चाहिए। इन केंद्रों के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।”

उन्होंने कहा, “सेवा सभी लोगों को मिलेगी, चाहे उन्होंने विधायक को वोट दिया हो या नहीं। इन सेवा केंद्रों को ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेवा केंद्र’ कहा जाएगा।”

शुभेंदु ने कहा, “जो लोग काम नहीं करेंगे, उन्हें पैसे नहीं मिलेंगे।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन केंद्रों का मकसद राजनीतिक दलों के दफ्तरों के कामकाज से हटकर लोगों की सेवा करना है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ऐसे 100 से अधिक सेवा केंद्र पहले ही शुरू किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य का सूचना और सांस्कृतिक मामलों का विभाग हर केंद्र को धोती-कुर्ता पहने नेताजी की एक तस्वीर देगा, जिसे सेवा केंद्र में लगाना होगा।

शुभेंदु ने विधानसभा में कहा, “यह मेरा प्रस्ताव है या आप इसे शर्त भी कह सकते हैं। अध्यक्ष को इस मामले पर गौर करना होगा। शर्तें पूरी होने पर ही राशि दी जाएगी। वित्त मंत्री अगले सत्र में संशोधन लाएंगे। अगस्त से राशि उपलब्ध कराई जाएगी।”

मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायकों के लिए मासिक चिकित्सा भत्ते की राशि 6,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी अगस्त से लागू होगी।

भाषा

शुभम पारुल

पारुल