तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष ने सेंसर बोर्ड पर टिप्पणी को लेकर स्टालिन पर निशाना साधा

तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष ने सेंसर बोर्ड पर टिप्पणी को लेकर स्टालिन पर निशाना साधा

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  • Publish Date - January 10, 2026 / 03:38 PM IST,
    Updated On - January 10, 2026 / 03:38 PM IST

कोयंबटूर (तमिलनाडु), 10 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष नैनार नागेन्द्रन ने शनिवार को मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के उस बयान पर तीखा हमला किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘सेंसर बोर्ड भाजपा सरकार का एक नया हथियार बन गया है।’’

नागेन्द्रन ने यह भी जानना चाहा कि क्या मुख्यमंत्री को यह जानकारी है कि फिल्म ‘पराशक्ति’ को 10 जनवरी को रिलीज से पहले प्रमाणपत्र दे दिया गया है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) फिल्मों को प्रमाणित करने में अपने नियमों का पालन करता है और जब उसने ‘पराशक्ति’ फिल्म को मंजूरी दे दी है, तो फिर अभिनेता विजय अभिनीत ‘जन नायकन’ की प्रमाणन से जुड़े मुद्दों को मुख्यमंत्री केंद्र सरकार से क्यों जोड़ रहे हैं।

नागेन्द्रन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘क्या उन्हें (स्टालिन को) यह नहीं पता कि उसी सेंसर बोर्ड ने ‘पराशक्ति’ को मंजूरी दी है? यह किसकी फिल्म है? इसे प्रमाणन कैसे मिला? सीबीएफसी के अपने नियम हैं, जिनका वह पालन करता है।’’

उन्होंने यह टिप्पणी तब की, जब शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री के उस पोस्ट की ओर उनका ध्यान दिलाया गया, जिसमें उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर सेंसर बोर्ड को ‘‘नया हथियार’’ बनाने का आरोप लगाया था।

अभिनेता से नेता बने विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ कुछ अप्रत्याशित कानूनी अड़चनों और सेंसर बोर्ड से जुड़ी समस्याओं के कारण तय कार्यक्रम के अनुसार नौ जनवरी को रिलीज नहीं हो सकी।

फिल्म के प्रमाणन को लेकर हुए विवाद के बाद इसके निर्माता वेंकट के. नारायण (केवीएन प्रोडक्शंस) ने कहा, ‘‘यह उन सभी लोगों के लिए बेहद भावुक और कठिन समय रहा है, जिन्होंने इस फिल्म में अपना दिल, आत्मा और वर्षों की मेहनत लगाई है। सबसे बढ़कर, हमारा दृढ़ विश्वास है कि थलपति विजय सर अपने प्रशंसकों के दशकों के प्यार के जरिए अर्जित विदाई के हकदार हैं।’’

कानूनी कार्यवाही पर एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि छह और सात जनवरी को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने यू/ए 16 प्लस प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया था। हालांकि, सीबीएफसी ने तुरंत इस फैसले को चुनौती दी और प्रमाणपत्र जारी करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी गई। उन्होंने देरी के लिए सभी से माफी मांगी।

जब नागेन्द्रन से पूछा गया कि ‘जन नायकन’ के लिए इतनी अड़चनें क्यों खड़ी की गईं, उन्होंने कहा, ‘‘सेंसर बोर्ड ने नियमों का पालन किया।’’

भाषा गोला नेत्रपाल

नेत्रपाल