तमिलनाडु : माकपा ने लगाया पलानी मंदिर भूमि पंजीकरण घोटाले में गहरी साजिश का आरोप

Ads

तमिलनाडु : माकपा ने लगाया पलानी मंदिर भूमि पंजीकरण घोटाले में गहरी साजिश का आरोप

  •  
  • Publish Date - July 21, 2026 / 03:03 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 03:03 PM IST

चेन्नई, 21 जुलाई (भाषा) माकपा की तमिलनाडु इकाई के सचिव पी. षणमुगम ने मंगलवार को पलानी स्थित प्राचीन श्री दंडायुधपाणि स्वामी मंदिर की 1.4 एकड़ भूमि के कथित फर्जी पंजीकरण मामले में ‘‘गहरी साजिश’’ का आरोप लगाया और दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की।

षणमुगम ने आरोप लगाया कि करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति का पंजीकरण मात्र दो करोड़ रुपये में कराने में ‘‘ऊपर से नीचे तक’’ कुछ अधिकारी शामिल थे। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि इस मामले की अपराध शाखा-सीआईडी (सीबी-सीआईडी) द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

षणमुगम ने कहा कि मंदिर भूमि घोटाले की जांच ईमानदारी और पूरी गंभीरता से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, हालांकि सीबी-सीआईडी ने राज्य में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है।

गिरफ्तारी की आशंका के मद्देनजर एक उप-पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) ने मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ से अंतरिम जमानत हासिल कर ली है। अदालत ने चार अगस्त तक उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है, बशर्ते वह जांच अधिकारियों के साथ सहयोग करे।

पुलिस ने इस मामले में मुरुगादास तथा खरीदारों सेतुपति और वेल्लाथुरई को भी आरोपी बनाया है।

तूतीकोरिन जिले में द्रमुक विधायक जी. वी. मार्कंडेयन की सोमवार को हुई गिरफ्तारी के बारे में पूछे जाने पर षणमुगम ने कहा कि उन्हें इस मामले के तथ्यों की जानकारी नहीं है, इसलिए वह इस विवाद पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

भाषा मनीषा अविनाश

अविनाश