तेलंगाना : पुलिस ने खम्मम में अनिश्चितकालीन अनशन तुड़वाया, हैदराबाद में फिर धरना देंगी कविता

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तेलंगाना : पुलिस ने खम्मम में अनिश्चितकालीन अनशन तुड़वाया, हैदराबाद में फिर धरना देंगी कविता

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  • Publish Date - March 10, 2026 / 08:30 PM IST,
    Updated On - March 10, 2026 / 08:30 PM IST

हैदराबाद, 10 मार्च (भाषा) तेलंगाना पुलिस ने मंगलवार को खम्मम में ‘जागृति’ संगठन की अध्यक्ष के. कविता द्वारा शुरू किए गए अनिश्चितकालीन अनशन को तुड़वाया दिया, जिसके बाद उन्होंने यहां फिर से अपना धरना शुरू करने की घोषणा की। ‘जागृति’ के सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि कविता अपने संगठन के कार्यालय में अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगी।

कविता ने शहर के एक भूखंड से बेदखल किए गए लोगों के लिए ‘न्याय’ की मांग करते हुए सोमवार को अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था।

इससे पहले दिन में हैदराबाद से लगभग 200 किलोमीटर दूर खम्मम में उन्होंने उन लोगों के समर्थन में धरना दिया जिन्हें पिछले महीने प्रशासन द्वारा जमीन से बेदखल कर दिया गया था।

‘जागृति’ के एक बयान में कहा गया है, “खम्मम के वेलुगुमटला में बेदखल किए गए लोगों के समर्थन में कविता मंगलवार सुबह 9.30 बजे से हैदराबाद स्थित तेलंगाना जागृति कार्यालय में अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखेंगी।”

कविता ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लिखे पत्र में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की बात करने वाले कांग्रेस नेता की चुप्पी पर सवाल उठाया।

उन्होंने राहुल गांधी से वेलुगुमाटला घटना के तथ्यों का पता लगाने का आग्रह किया और अतिक्रमण हटाओ अभियान की स्वतंत्र न्यायिक जांच का आदेश देने की मांग की।

कविता ने खम्मम जिले के तीनों मंत्रियों की चुप्पी की भी आलोचना की और कहा कि अगर वास्तव में इन अभियानों में उनकी कोई भूमिका नहीं है, तो उन्हें आगे आकर पीड़ितों को न्याय दिलाना चाहिए।

कविता का कहना था कि वेलुगुमटला में जिस जमीन से लोगों को बेदखल किया गया था, वह ‘भूदान’ (अतीत में दूसरों द्वारा दान की गई) भूमि है। उन्होंने मांग की कि जिलाधिकारी को यह आश्वासन देना चाहिए कि विस्थापितों को उसी जमीन के ‘पट्टे’ दिए जाएंगे।

विरोध प्रदर्शन के कारण यातायात बाधित हुआ जिसके कारण पुलिस ने कविता को थाने में स्थानांतरित कर दिया।

तेलंगाना जागृति ने एक विज्ञप्ति में कहा कि बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन करने के लिए नोटिस देने के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया था। हालांकि, वह सोमवार रात खम्मम के अंबेडकर भवन पहुंचीं और अनशन शुरू किया।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश