दूसरों के लिए कुछ करने का भाव ही मनुष्यता का वास्तविक मर्म: राज्यपाल

दूसरों के लिए कुछ करने का भाव ही मनुष्यता का वास्तविक मर्म: राज्यपाल

दूसरों के लिए कुछ करने का भाव ही मनुष्यता का वास्तविक मर्म: राज्यपाल
Modified Date: November 29, 2022 / 08:20 pm IST
Published Date: April 12, 2022 6:58 pm IST

जयपुर, 12 अप्रैल (भाषा) राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने मंगलवार को कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा को सबसे बड़ा धर्म कहा गया है और दूसरों के लिए कुछ करने का भाव ही मनुष्यता का वास्तविक मर्म है इसलिए हमें सदैव यथासंभव दूसरों के लिए कार्य करने की भावना से प्रेरित रहना चाहिए।

वह मंगलवार को सीकर जिले के खाटू श्याम जी में ओडिशा के राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल के साथ श्री श्याम शरणम् धर्मशाला का शिलान्यास करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे।

मिश्र ने कहा , ‘‘ वही समाज विकास करता है, जहां दूसरों के लिए उदात्त दृष्टि होती है। हमारी प्राचीन संस्कृति इन्हीं उदात्त जीवन मूल्यों से जुड़ी है और इसी से हमें जीवन का अर्थ, जीवन जीने का तरीका सीखने को मिलता है।’’ उन्होंने ने कहा कि धर्म और मानवता के कल्याण के लिए किए जाने वाले कार्यों का दीर्घकालीन सकारात्मक परिणाम पूरे समाज को मिलता है।

कार्यक्रम में मिश्र ने संविधान की उद्देशिका और मूल कर्तव्यों का भी पठन किया। साथ ही मोरवी नंदन खाटू श्याम चालीसा पुस्तक का विमोचन किया।

इससे पहले राज्यपाल मिश्र ने खाटू श्याम मंदिर में दर्शन-पूजा कर देश और राज्य की खुशहाली की कामना की।

भाषा पृथ्वी कुंज राजकुमार

राजकुमार


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