अखबार के संपादकीय में केरल राज्य वक्फ बोर्ड की कड़ी आलोचना

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अखबार के संपादकीय में केरल राज्य वक्फ बोर्ड की कड़ी आलोचना

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  • Publish Date - May 25, 2026 / 01:23 PM IST,
    Updated On - May 25, 2026 / 01:23 PM IST

कोच्चि, 25 मई (भाषा) चर्च द्वारा संचालित मलयालम दैनिक ‘दीपिका’ ने सोमवार को अपने संपादकीय में केरल राज्य वक्फ बोर्ड की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि विवादित मुनंबम भूमि को केंद्र सरकार के ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज करना अनुचित है और इस अधिसूचना को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।

अखबार ने राज्य की कांग्रेस के नेतृत्व वाली नयी यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की भी मांग की।

इसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के उस पुराने बयान की याद दिलाई गई, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो मुनंबम मुद्दे का समाधान “10 मिनट” में किया जा सकता है।

संपादकीय में आरोप लगाया गया कि वक्फ बोर्ड ने तटीय गांव में रहने वाले परिवारों को “चुनौती” दी है। अखबार ने कहा कि यह कदम केवल ईसाई समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि केरल के धर्मनिरपेक्ष तानेबाने के भी विरुद्ध है।

संपादकीय में यह भी मांग की गई कि वक्फ बोर्ड द्वारा ‘उम्मीद’ पोर्टल पर जारी अधिसूचना को रद्द किया जाए और मुनंबम में लगाए गए “वक्फ चिन्हों” को हटाकर अरब सागर में फेंक दिया जाए।

अखबार ने सवाल उठाया कि क्या धार्मिक कारणों से न्याय में देरी हो रही है। उसने यह भी पूछा कि जिस तरह सरकार भूमि अधिग्रहण संबंधी अधिसूचनाएं आसानी से वापस ले लेती है, उसी तरह वक्फ बोर्ड की अधिसूचना क्यों निरस्त नहीं की जा सकती।

मुनंबम में रहने वाले लगभग 600 परिवारों से जुड़े इस विवाद का उल्लेख करते हुए संपादकीय में कहा गया कि वहां के निवासी वही कठिनाइयां झेल रहे हैं, जैसी के-रेल परियोजना से प्रभावित लोगों ने झेली थीं। यह परियोजना हाल ही में यूडीएफ सरकार द्वारा निरस्त कर दी गई है। मुनंबम में रहने वाले 600 परिवारों में से अधिकतर इसाई हैं।

संपादकीय में आरोप लगाया गया है कि वक्फ संपत्तियों से जुड़े प्रावधानों ने देशभर में व्यापक विवाद पैदा किए हैं और ऐसे मुद्दों ने “कट्टर हिंदुत्व राजनीति” के उभार में भी योगदान दिया है।

अखबार ने सवाल उठाया कि क्या राज्य की नयी सरकार इस मुद्दे पर कार्रवाई करेगी, जबकि पहले राजनीतिक स्तर पर यह आश्वासन दिया गया था कि मुनंबम विवाद का समाधान बहुत जल्दी किया जा सकता है।

यह संपादकीय उस बयान के एक दिन बाद आया, जिसमें केरल राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के. एस. हमजा ने दोहराया था कि मुनंबम जैसी विवादित जमीनें वक्फ संपत्ति हैं। उन्होंने कहा था कि इन्हें राज्य की अन्य वक्फ संपत्तियों के साथ ‘उम्मीद’ पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है।

मुनंबम भूमि विवाद केरल में एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, क्योंकि वहां के निवासियों को अपनी जमीन पर मालिकाना हक खोने का डर है।

भाजपा ने प्रदर्शन कर रहे निवासियों का समर्थन किया है और दावा किया है कि संशोधित वक्फ अधिनियम उनकी चिंताओं के समाधान में मदद करेगा।

भाषा रंजन वैभव

वैभव