अधिकारियों का तबादला लीपापोती, प्रधान को बर्खास्त किया जाए: कांग्रेस
अधिकारियों का तबादला लीपापोती, प्रधान को बर्खास्त किया जाए: कांग्रेस
नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) कांग्रेस ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के चेयरमैन और सचिव के तबादले के बाद मंगलवार को कहा कि सरकार का यह कदम लीपापोती है , क्योंकि अधिकारियों को हटा दिया गया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचा लिया गया।
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री को बर्ख़ास्त किया जाए और स्वतंत्र न्यायिक जांच हो।
केंद्र सरकार ने ओएसएम प्रणाली का ठेका देने के लिए सीबीएसई की ओर से अपनाई गई प्रक्रिया से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए एक-सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस राधा चौहान करेंगी।
सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का मंगलवार को बोर्ड से तबादला भी कर दिया गया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘सीबीएसई चेयरमैन का तबादला, सीबीएसई सचिव का तबादला, एक-सदस्यीय “जांच” समिति गठित और असल ज़िम्मेदार, धर्मेंद्र प्रधान सुरक्षित।’
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों को हटा दिया गया और मंत्री को बचा लिया गया।
उन्होंने कहा कि यह जवाबदेही नहीं, बल्कि यह यह मामले पर पर्दा डालने की कोशिश है।
राहुल गांधी ने कहा, ‘हमारी मांग आज भी वही है कि शिक्षा मंत्री को बर्ख़ास्त किया जाए और स्वतंत्र न्यायिक जांच हो। ये मांगें कोई मोदी सरकार की एक महीने पुरानी अंदरूनी फ़ाइल नहीं जो यूं ही भुला दी जाए।’
उनका कहना है कि अगर प्रधानमंत्री को 18.5 लाख सीबीएसई छात्रों की परवाह होती, धर्मेंद्र प्रधान कब के हटाए जा चुके होते।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘सीबीएसई चेयरमैन और सचिव का स्थानांतरण महज दिखावा है। मोदी जी को तुरंत धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करना चाहिए। इस कदम से कम कुछ भी 18.5 लाख सीबीएसई छात्रों को न्याय की भावना प्रदान नहीं करेगा।’
उन्होंने दावा किया कि ‘बिग ब्रेकिंग’ यह लीपापोती नहीं है, बल्कि असली खबर इन सबके बावजूद प्रधान का पद पर बने रहना है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”सीबीएसई चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया गया है। न्याय का तकाजा है कि मंत्री प्रधान को बर्खास्त किया जाए।”
उन्होंने कहा कि सीबीएसई नेतृत्व की विदाई और सीबीएसई की ओएसएम प्रणाली की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति के गठन से साबित होता है कि अनियमितताएं की गई थीं। यह ‘जेन जी’ छात्रों की प्रतिभा और कौशल का प्रमाण है, जिन्होंने इस घोटाले को ऑनलाइन उजागर किया और यहां तक कि इसे दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के समक्ष भी प्रस्तुत किया।”
रमेश ने कहा कि सीबीएसई के साथ शिक्षा संबंधी संसद की स्थायी समिति की बैठक के बाद की गई कार्रवाई राजनीतिक नेतृत्व से ध्यान हटाकर नौकरशाहों पर केंद्रित करने और जवाबदेही तय करने का एक प्रयास है।
भाषा हक हक पवनेश
पवनेश

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