तृणमूल ने भारी मतदान को ममता के जोरदार समर्थन का संकेत बताया

Ads

तृणमूल ने भारी मतदान को ममता के जोरदार समर्थन का संकेत बताया

  •  
  • Publish Date - April 23, 2026 / 07:32 PM IST,
    Updated On - April 23, 2026 / 07:32 PM IST

कोलकाता, 23 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस दावे का खंडन किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में भारी मतदान ‘‘परिवर्तन के लिए शानदार जनादेश’’ का संकेत है। तृणमूल ने दावा किया कि इसके बजाय यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार के विकास एजेंडे के लिए जोरदार समर्थन को प्रदर्शित करता है।

मोदी के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि मतदान प्रतिशत में हुई वृद्धि ‘‘सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में निर्णायक रूप से गई है’’ और यह भाजपा को स्पष्ट रूप से खारिज किये जाने का संकेत है।

घोष ने शाम 5 बजे तक करीब 90 प्रतिशत मतदान होने का उल्लेख करते हुए संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘भाजपा भारी मतदान को ठीक से नहीं समझ पा रही है। यह बदलाव के लिए वोट नहीं है, बल्कि (ममता) बनर्जी के शासन का जोरदार समर्थन है। बंगाल की जनता ने पहले चरण में ही भाजपा की कमर तोड़ दी है।’’

राज्य में शाम 5 बजे तक 89.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दक्षिण दिनाजपुर जिले में सबसे अधिक 93.12 प्रतिशत मतदान हुआ। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि अंतिम आंकड़ों में कुल मतदान प्रतिशत 95 प्रतिशत से अधिक पहुंच सकता है।

विधानसभा चुनाव में तृणमूल के मजबूत प्रदर्शन का अनुमान लगाते हुए, घोष ने दावा किया कि प्रथम चरण के तहत जिन 152 सीटों पर मतदान हुआ है, पार्टी उनमें से ‘‘कम से कम 125 सीटें जीतेगी, जो बढ़कर 132-134 तक भी जा सकती हैं।’’

घोष ने तर्क दिया कि मतदान प्रतिशत अधिक रहने से तृणमूल को अधिक सीटें मिलेंगी और उन्होंने सत्ता-विरोधी लहर होने के विपक्ष के विमर्श को खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मतदान प्रतिशत जितना बढ़ेगा, तृणमूल को उतनी ही अधिक सीटें मिलेंगी। भाजपा का मनोबल पूरी तरह से गिर चुका है, और इसलिए वे बदलाव का यह झूठा विमर्श गढ़ रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने सहित मतदाता सूचियों में सुधार के कारण मतदान में वृद्धि अपेक्षित थी।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश