होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर ईरान से बातचीत आगे बढ़ी, ट्रंप सतर्क: रूबियो

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होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर ईरान से बातचीत आगे बढ़ी, ट्रंप सतर्क: रूबियो

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  • Publish Date - May 25, 2026 / 01:07 PM IST,
    Updated On - May 25, 2026 / 01:07 PM IST

नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोमवार को कहा कि उनके देश ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने को लेकर ईरान के साथ बातचीत में उल्लेखनीय प्रगति की है लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सतर्क रुख अपना रहे हैं और कोई खराब समझौता स्वीकार नहीं करेंगे।

भारत की चार दिन की यात्रा पर आए रूबियो ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका और ईरान व्यापक शांति समझौते को अंतिम रूप देने से पहले इस नौवहन मार्ग को फिर खोलने के लिए प्रारंभिक समझौते पर विचार कर रहे हैं।

रूबियो ने आगरा रवाना होने से पहले पत्रकारों के एक छोटे समूह से कहा, ‘‘काम अभी जारी है। हमें लगा था कि शायद कल रात या आज कुछ खबर मिल सकती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मेरे हिसाब से हमारे सामने एक काफी ठोस प्रस्ताव है जिसके तहत जलडमरूमध्य को खोलना, परमाणु मुद्दों पर वास्तविक, महत्वपूर्ण एवं समयबद्ध बातचीत शुरू करना शामिल है। उम्मीद है कि हम इसे पूरा कर पाएंगे।’’

अमेरिका के विदेश मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के मौजूदा प्रयासों को वैश्विक समर्थन मिला है लेकिन शांति की राह बहुत सरल नहीं है।

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में मुख्य अड़चनें ईरान का परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रही हैं। सामान्य समय में दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी जलमार्ग से गुजरता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये नौवहन 28 फरवरी से बुरी तरह प्रभावित है। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमले किए थे जिसके बाद ईरान ने जवाबी हमले किए। युद्धरत पक्षों के बीच नाजुक संघर्ष विराम आठ अप्रैल से लागू होने के बावजूद नौवहन में बाधा बनी हुई है।

रूबियो ने कहा, ‘‘जिन भी देशों से हमने बात की है, वे इस बात को समझते हैं कि यह न केवल बहुत उचित है बल्कि यह दुनिया के लिए सही कदम भी है। जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा है, उन्हें कोई जल्दबाजी नहीं है। वह कोई खराब समझौता नहीं करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि अमेरिका ‘‘विकल्पों’’ पर विचार करने से पहले ‘‘कूटनीति को सफल होने का हर’’ मौका देगा।

रूबियो ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति कोई खराब समझौता नहीं करेंगे। परमाणु क्षमता वाले ईरान के खतरे को राष्ट्रपति ट्रंप से अधिक गंभीरता से किसी ने नहीं लिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे पूरा विश्वास है और हम सभी को यह भरोसा होना चाहिए कि या तो हम अच्छा समझौता करेंगे या हमें इससे किसी और तरीके से निपटना होगा।’’

रूबियो ने कहा, ‘‘हम अच्छा समझौता करना पसंद करेंगे।’’

उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ रविवार को व्यापक वार्ता करने के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि अगले कुछ घंटों में ‘‘अच्छी खबर’’ आने की उम्मीद है। उन्होंने संकेत दिया था कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कोई घोषणा की जा सकती है।

अमेरिका के विदेश मंत्री ने लेबनान से जुड़े एक सवाल का भी जवाब दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘हम उस पर अलग से काम कर रहे हैं। लेबनान के मामले में हम शामिल हैं। वहां 45 दिन का संघर्ष विराम है। अब हमारी साप्ताहिक बैठकें हो रही हैं और लेबनान एवं इजराइल की सरकारों के बीच रोजाना बातचीत जारी है।’’

रूबियो ने कहा कि ‘‘समस्या’’ लेबनान और इजराइल नहीं, बल्कि हिजबुल्ला है।

उन्होंने कहा, ‘‘कल रात ही हिजबुल्ला ने एक बयान जारी कर लेबनान सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। यह आपको याद दिलाता है कि आप किससे निपट रहे हैं। हिजबुल्ला शत-प्रतिशत ईरान समर्थित संगठन है।’’

रूबियो ने कहा, ‘‘जब तक हथियारबंद हिजबुल्ला मौजूद रहेगा, लेबनान में शांति हासिल करना मुश्किल होगा क्योंकि वह लेबनान के लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है।’’

उन्होंने कहा कि अमेरिका इस दिशा में लेबनान और इजराइल की सरकारों के साथ काम कर रहा है और इस मोर्चे पर कुछ अच्छी प्रगति हुई है।

रूबियो ने कहा, ‘‘हम इस पर काम जारी रखेंगे। इजराइल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है। दुनिया के हर देश को यह अधिकार है इसलिए अगर हिजबुल्ला मिसाइल दागता है या उन पर मिसाइल हमला करता है तो इजराइल को उसका जवाब देने या इसे रोकने का पूरा अधिकार है।’’

रूबियो सोमवार को अपनी पत्नी के साथ ताजमहल का दीदार करने आगरा पहुंचे।

उन्होंने कहा, ‘‘यह दुनिया के अजूबों में से एक है। मुझे लगता है कि जिन देशों की आप यात्रा करते हैं, उनकी संस्कृति के प्रति सम्मान दिखाना महत्वपूर्ण है।’’

रूबियो जयपुर भी जाएंगे और फिर मंगलवार सुबह चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए नयी दिल्ली लौटेंगे।

भाषा

सिम्मी मनीषा

मनीषा