चेन्नई, 20 मई (भाषा) तमिलनाडु के लोक निर्माण एवं खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने बुधवार को कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल होने की पेशकश की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय चाहते हैं कि मंत्रिमंडल कांग्रेस, वीसीके, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और आईयूएमएल जैसी पार्टियों के साथ ‘एक परिवार’ की तरह काम करे, जिन्होंने सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
अर्जुन ने आरोप लगाया कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने सत्ता में आने के लिए आपस में गठबंधन करके टीवीके को सरकार बनाने से रोकने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री और टीवीके पार्टी, दोनों की यही राय है कि सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर चलने के लिए प्रतिबद्ध नेताओं और पार्टियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना चाहिए। विशेष रूप से, कांग्रेस ने आगे आकर हमारे नेता पर भरोसा जताते हुए हमें भरपूर समर्थन दिया।’’
अर्जुन ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि कांग्रेस को मंत्रिमंडल में शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘‘साथ ही, हम वामपंथी दलों के बाहर से समर्थन देने के नीतिगत निर्णय का हमेशा सम्मान करेंगे।’’
आधव अर्जुन ने कहा कि टीवीके सरकार हमेशा सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्ध रहेगी और धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों पर अडिग रहेगी।
उन्होंने कहा, ‘इसी प्रकार, हम थोल थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) के नेता को मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं, जो मुख्यमंत्री की भी इच्छा है।’
उन्होंने कहा, ‘इन पार्टियों की एक परामर्श बैठक चल रही है और मंत्रिमंडल में शामिल होने के विषय पर चर्चा हो रही है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमें विश्वास है कि जल्द ही अच्छी खबर सामने आएगी।’
आधव अर्जुन ने यह भी स्पष्ट किया कि सी वे षडमुगम के नेतृत्व वाले अन्नाद्रमुक के बागी गुट ने सदन में बहुमत परीक्षण के दौरान टीवीके का समर्थन अपनी पार्टी को ‘बचाने’ के उद्देश्य से किया था, न कि मंत्री पद पाने के लिए।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘उन्होंने यहां हस्तक्षेप करने और राज्यपाल शासन या राष्ट्रपति शासन लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किया। इस प्रयास के पीछे विशेष रूप से द्रमुक और अन्नाद्रमुक पार्टियां थीं।’
मंत्रिमंडल के विस्तार से संबंधित एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जल्द ही इस पर निर्णय लेंगे।
भाषा तान्या माधव
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