चेन्नई, दो जुलाई (भाषा) तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) महासचिव आधव अर्जुन ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के बीच समझौता हो गया है तथा जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद है। हालांकि, दोनों दलों ने इस आरोप का खंडन किया।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली नयी सरकार में लोक निर्माण और खेल विकास मंत्री अर्जुन ने दावा किया कि द्रमुक तथा अन्नाद्रमुक नेतृत्व के बीच चुनावी समझौता हो चुका है और आने वाले स्थानीय निकाय या लोकसभा चुनाव से पहले इसकी औपचारिक घोषणा की उम्मीद है।
इस आरोप को खारिज करते हुए अन्नाद्रमुक नेता अग्री एस. एस. कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘यह राजनीतिक फायदे के लिए बार-बार दोहराया जाने वाला झूठ है।’’ उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक ने मुश्किल दौर में भी हमेशा मजबूती दिखाई है और ऐसी मुश्किलों के बावजूद आगे बढ़ती रही है।
उन्होंने ‘‘दल-बदलुओं’’ को चुनौती दी और यह सवाल उठाया कि क्या पार्टी नेतृत्व में कभी किसी ने सरकार बनाने के लिए द्रमुक से समर्थन लेने का प्रस्ताव रखा था।
अन्नाद्रमुक के सचेतक ने पत्रकारों के साथ बातचीत में रेखांकित किया कि पार्टी ने अपना महासचिव चुने जाने के बाद एक एकजुट इकाई के तौर पर काम किया है।
हालांकि, अन्नाद्रमुक छोड़कर टीवीके में शामिल होने वाले पूर्व सदस्यों ने यह कारण बताया कि अन्नाद्रमुक ने कथित तौर पर द्रमुक के साथ गठबंधन करने की कोशिश की थी।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कृष्णमूर्ति ने इसे ‘‘झूठा विमर्श’’ बताया और कहा कि अन्नाद्रमुक छोड़ने वालों ने अपने राजनीतिक फायदे को प्राथमिकता दी तथा वे अफवाहें फैला रहे हैं।
आरोप को खारिज करते हुए द्रमुक नेता एस. रघुपति ने कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए उनकी पार्टी की अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन करने की कोई इच्छा नहीं है। उन्होंने फिर से कहा कि पार्टी अध्यक्ष एम. के. स्टालिन का ऐसा कोई इरादा नहीं है।
उन्होंने कहा कि द्रमुक जनता के जनादेश से सत्ता में आएगी और सरकार बनाने लिए ग़ैर-कानूनी तरीकों का सहारा नहीं लेगी।
सत्ताधारी ‘तमिलगा वेत्री कषगम’ के विधायकों की खरीद-फरोख्त के प्रयासों के आरोप पर रघुपति ने पत्रकारों से कहा कि द्रमुक ने स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा सरकार को गिराने में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि पार्टी नेता पहले ही कह चुके हैं कि द्रमुक एक जिम्मेदार विपक्षी पार्टी के तौर पर काम करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘द्रमुक पैसे की ताकत से अधिक लोकतंत्र को अहमियत देती है। सरकार गिराने का हमारा कोई इरादा नहीं है।’’
चेन्नई के पास मामल्लपुरम में एक कार्यक्रम में अन्नाद्रमुक के कई सदस्यों (जिनमें राज्य के तीन पूर्व मंत्री भी शामिल थे) का सत्ताधारी टीवीके में शामिल होने पर स्वागत करते हुए मंत्री अर्जुन ने अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने पलानीस्वामी पर पार्टी के सिद्धांतों के साथ ‘‘धोखाधड़ी’’ करने का आरोप लगाया।
अर्जुन ने कहा कि अन्नाद्रमुक के पदाधिकारी (जिनमें जिला सचिव और विधायक शामिल हैं) द्रमुक के साथ गठबंधन करने की योजना को लेकर अपने नेतृत्व से नाखुश थे और इसीलिए वे टीवीके में शामिल हो गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘विधायक इस गठबंधन के विरोध में अपने पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। अन्नाद्रमुक आखिरकार बिखर जाएगी और अपनी संगठनात्मक ताकत खो देगी।’’
भाषा
शुभम नेत्रपाल
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