शिमला/नाहन, 12 अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में बुधवार को भारी बारिश के बीच तीन-मंजिला मकान ढह जाने से आठ महीने की एक गर्भवती समेत दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि दो बच्चे घायल हो गए। राज्य भर में हो रही व्यापक बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
यह हादसा राजगढ़ उपमंडल के छिछड़िया धार गांव में हुआ। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों ने बचाव अभियान शुरू किया और मलबे में फंसे चारों लोगों को बाहर निकाला।
दोनों महिलाओं को तुरंत राजगढ़ के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
स्थानीय पंचायत प्रधान वेद प्रकाश ठाकुर ने मृतकों की पहचान निर्मला (60) और उनकी बेटी पूजा (32) के रूप में की है। यह मकान निर्मला के पति भीम सिंह का था।
आठ महीने की गर्भवती पूजा अपनी डेढ़ साल की बेटी ईरा के साथ मायके आई हुई थी। हादसे के दिन (बुधवार को) ही उसे अपने ससुराल वापस लौटना था।
घटना के समय भीम सिंह की बहू भी घर के अंदर मौजूद थी, लेकिन इमारत ढहने से कुछ ही पल पहले वह बाहर निकल आई थी। हालांकि, उनका डेढ़ साल का बेटा अरुण मलबे के नीचे दब गया। महिला ने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई और बच्चों को बचाने का प्रयास किया।
मलबे में दबकर घायल हुए दोनों बच्चों -ईरा और अरुण- राजगढ़ के सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं।
राजगढ़ के उपविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) राजकुमार ठाकुर ने हादसे में दो महिलाओं की मौत और दो बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रभावित परिवार को फौरी तौर पर राहत राशि मुहैया करा दी गई है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण बुधवार को 209 सड़कें बंद हो गईं और बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने 18 अगस्त तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है और कुछ इलाकों में भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
मंगलवार शाम से राज्य में सबसे अधिक 80.5 मिमी बारिश धौलाकुआं में दर्ज की गई। इसके अलावा जट्टन बैराज में 67 मिमी, धर्मशाला में 57.2 मिमी, पालमपुर में 54.6 मिमी, पांवटा साहिब में 50.8 मिमी, बजौरा में 37 मिमी और नाहन में 26.5 मिमी बारिश हुई।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, बुधवार शाम तक पूरे प्रदेश में 209 सड़कें, 70 जल आपूर्ति योजनाएं और 19 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित रहे।
सड़कों के बंद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित मंडी जिला रहा, जहां 94 सड़कें बाधित हुईं। इसके बाद कुल्लू में 60, शिमला में 21, सिरमौर में 11, चंबा में 10, कांगड़ा में पांच और ऊना में चार सड़कें बंद रहीं। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भी दो-दो सड़कें बंद होने की खबर है।
एक से 12 अगस्त के बीच राज्य में सामान्य 116 मिमी की तुलना में 103.5 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 11 प्रतिशत कम है।
अधिकारियों ने बताया कि 30 जून को मानसून के आगमन के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 75 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14 लोग भूस्खलन और एक व्यक्ति अचानक आई बाढ़ की चपेट में आया।
मानसून के कारण राज्य को अब तक अनुमानित 911 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
मौसम विभाग ने 18 अगस्त तक राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
भाषा सुमित सुरेश
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