कोलकाता, छह मई (भाषा) भर्ती घोटाले के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में आए पश्चिम बंगाल के दो निवर्तमान मंत्रियों ने बुधवार को केंद्रीय एजेंसी के समक्ष निर्धारित पेशी से अनुपस्थित रहे और अलग-अलग कारण बताते हुए और अधिक समय दिये जाने का अनुरोध किया। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
पवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक अधिकारी ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के दोनों नेता (सुजीत बोस और रथिन घोष) शहर के पास सॉल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में जांचकर्ताओं के समक्ष पेश होने में असमर्थता व्यक्त कर रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि घोष ने एजेंसी को लिखे पत्र में कहा कि वॉशरूम में फिसलने से उनके पैर में चोट लग गई है और चिकित्सकों ने उन्हें लगभग 10 दिनों तक आराम करने की सलाह दी है क्योंकि उनके लिए चलना-फिरना मुश्किल हो गया है।
बोस ने ईडी को लिखे अपने पत्र में कहा कि वे चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित पार्टी कार्यकर्ताओं की सहायता में व्यस्त हैं और जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए उन्होंने और अधिक समय मांगा।
विधानसभा चुनाव में बोस हार गए, जबकि घोष जीत गए। बोस ने दोबारा चुनाव कराने की मांग की है। दोनों ने पहले भी चुनाव संबंधी गतिविधियों में व्यस्तता का हवाला देते हुए ईडी से समय का अनुरोध किया था।
चुनावी प्रक्रिया के समाप्त होने और परिणाम घोषित होने के दो दिन बाद उन्हें एजेंसी के कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया था।
अदालत के निर्देशों के अनुसार, बोस एक मई को ईडी के समक्ष पेश हुए और उनसे लगभग नौ घंटे तक पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद उन्होंने कहा कि वे एक गवाह के रूप में पेश हुए थे।
बोस ने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने अपना कार्य निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया और कोई भी गलत काम नहीं किया है।
उन्होंने एजेंसी को आश्वासन दिया कि वे भविष्य के समन का पालन करेंगे, लेकिन अनुरोध किया कि उन्हें परेशान न किया जाए।
घोष से ईडी ने इसी मामले के संबंध में पहली बार अक्टूबर 2023 में पूछताछ की थी और उनके आवास पर छापेमारी भी की गयी थी। दोनों को पेशी की अगली तारीखों के बारे में उचित समय पर अवगत कराया जाएगा।
भाषा संतोष रंजन
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