जयपुर, 19 मई (भाषा) राजस्थान में रणथम्भौर बाघ अभयारण्य से दो बाघिन लापता हो गयी हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघिन माही (आरबीटी-2504) और आरबीटी—2510 कई दिनों से नजर नहीं आ रही है तथा दोनों की तलाश की जा रही है।
रणथम्भौर बाघ अभयारण्य के उप वन संरक्षक मानस सिंह ने बताया कि ये बाघिनें करीब 17 दिन से ‘कैमरा ट्रेप’ में नजर नहीं आईं हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों बाघिनों की तलाश में सात टीम जुटीं हुई हैं तथा सौ से अधिक कैमरा ट्रेप लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि माही (आरबीटी-2504) और उसकी मां बाघिन रिद्धि (टी-124) के बीच कई बार क्षेत्र (टेरिटोरियल) को लेकर संघर्ष हो चुका है तथा तीन मई को भी उनके बीच ऐसा संघर्ष हुआ था।
सिंह ने बताया कि इसके बाद से माही नजर नहीं आ रही है तथा पहले भी वह ऐसी लड़ाई में घायल हो चुकी है।
उन्होंने बताया, “माही को आखिरी बार दो मई को देखा गया था। यह बाघिन युवा है और अपना अलग क्षेत्र बनाने की कोशिश कर रही थी। इसका आवागमन जोगी महल, राजबाग, मालिक तालाब में रहता है, लेकिन पिछले लगभग 17 दिन से वह कहीं दिखाई नहीं दी है।”
सिंह ने बताया, “बाघिन सुल्ताना (टी-107) की बेटी आरबीटी-2510 भी लंबे समय से नजरों से ओझल है। यह बाघिन अमरेश्वर, मिर्जा घाटी और फलोदी क्षेत्र में विचरण करती है। अक्सर वह बाघ 2407 के साथ देखी जा रही थी। हाल में दोनों का आवागमन झूमर बावड़ी क्षेत्र देखा गया था, लेकिन पिछले कई दिनों से इसकी कोई हलचल का पता नहीं चल रहा है।”
उप वन संरक्षक ने बताया दोनों बाघिनों की तलाश के लिए सात टीम का गठन किया गया है, जो रणथम्भौर के जंगल क्षेत्र में लगातार पैदल पेट्रोलिंग कर रही हैं ताकि पैरों के निशान और हलचल के संकेत मिल सकें।
उन्होंने कहा कि फोटो ट्रैप कैमरों की संख्या बढ़ाकर करीब 100 कर दी गई है, उम्मीद है कि जल्द ही दोनों लापता बाघिनों का पता लगा लिया जाएगा।
भाषा बाकोलिया राजकुमार
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