उमरेठ उपचुनाव : दिवंगत भाजपा विधायक के बेटे और कांग्रेस के स्थानीय नेता के बीच मुकाबला

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उमरेठ उपचुनाव : दिवंगत भाजपा विधायक के बेटे और कांग्रेस के स्थानीय नेता के बीच मुकाबला

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  • Publish Date - April 22, 2026 / 09:14 PM IST,
    Updated On - April 22, 2026 / 09:14 PM IST

आणंद (गुजरात), 22 अप्रैल (भाषा) भाजपा ने 23 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव में आणंद जिले की उमरेठ विधानसभा सीट पर अपने दिवंगत विधायक की विरासत को बरकरार रखने के लिए उनके बेटे पर भरोसा जताया है जबकि कांग्रेस ने स्थानीय राजनीति में गहरी पकड़ रखने वाले अपने नेता को मैदान में उतारा है।

विश्लेषकों का कहना है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और प्रभावशाली पाटीदार समुदाय के मतदाता मिलकर, इस विधानसभा क्षेत्र की चुनावी राजनीति को आकार देते हैं।

उमरेठ उपचुनाव में कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं। हालांकि, मुख्य मुकाबला पहली बार चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवार हर्षद परमार और कांग्रेस के उनके प्रतिद्वंद्वी भृगुराजसिंह चौहान के बीच है। हर्षद चार बार के विधायक गोविंद परमार के बेटे हैं। गोविंद परमार के निधन के कारण उपचुनाव कराना पड़ा है।

अन्य प्रत्याशियों में तीन निर्दलीय उम्मीदवार और एक अन्य पार्टी का उम्मीदवार शामिल हैं।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, 306 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा। मतगणना चार मई को होगी।

दिवंगत गोविंद परमार की इस निर्वाचन क्षेत्र में काफी लोकप्रियता थी।

भाजपा द्वारा हर्षद परमार को उम्मीदवार बनाने का निर्णय इस लोकप्रियता का लाभ उठाकर सीट बरकरार रखने का प्रयास माना जा रहा है।

दूसरी ओर, कांग्रेस उम्मीदवार चौहान (62) अनुभवी स्थानीय नेता हैं जो पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

चौहान ने वर्ष 2000 से 2015 के बीच लगातार तीन कार्यकाल तक उमरेठ तालुका पंचायत के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वह वर्तमान में गुजरात के केंद्रीय क्षेत्र के लिए पार्टी के समन्वयक हैं।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में, गोविंद परमार ने राकांपा उम्मीदवार जयंत पटेल को 25,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराकर उमरेठ सीट बरकरार रखी थी।

भाषा शफीक माधव

माधव