पुरी, 12 अगस्त (भाषा) ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के अधिकारियों ने बुधवार को राजस्थान के जयपुर जिले के कलेक्टर से 16 अगस्त को प्रस्तावित रथ यात्रा को रोकने का आग्रह किया। आरोप है कि यह रथ यात्रा स्थापित परंपराओं और शास्त्रों के निर्देशों का उल्लंघन करके ‘असमय’ आयोजित की जा रही है।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने जयपुर के जिला मजिस्ट्रेट और कलेक्टर संदेश नायक को पत्र लिखकर प्रस्तावित रथ यात्रा की अनुमति रद्द करने का अनुरोध किया।
एसजेटीए ने जयपुर में प्रस्तावित रथ यात्रा से संबंधित एक पर्चा/प्रचार सामग्री भी संलग्न की। यह रथ यात्रा जयपुर गोविंदा, श्री राधा मदनमोहन मंदिर और सेवकंज फाउंडेशन द्वारा आयोजित की जा रही है।
पाधी ने पत्र में कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते होंगे, श्री जगन्नाथ महाप्रभु को सर्वोच्च ईश्वर के सर्वव्यापी रूप में पूजा जाता है। उनसे जुड़े त्योहार और अनुष्ठान सुस्थापित शास्त्रोक्त निर्देशों और पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर (जो भगवान जगन्नाथ का मूल पीठ है) में केंद्रित अटूट धार्मिक परंपरा द्वारा संचालित होते हैं।’’
पुरी मंदिर ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा एक विशेष रूप से निर्धारित पवित्र त्योहार है, जो आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से शुरू होती है और नौ दिवसीय पारंपरिक त्योहार का हिस्सा है।
इस वर्ष मूल पीठ पुरी में रथ यात्रा निर्धारित तिथि के अनुरूप 16 जुलाई 2026 को स्थापित धार्मिक परंपरा के अनुसार शुरू हुई, जिसमें वापसी यात्रा और बाद के अनुष्ठान निर्धारित क्रम में संपन्न हुए।
भाषा संतोष पारुल
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